जयशंकर और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच चर्चा: भारत-ईयू संबंधों को नई दिशा

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जयशंकर और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच चर्चा: भारत-ईयू संबंधों को नई दिशा

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बेल्जियम में उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की, जिसमें पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हाल की घटनाओं पर चर्चा की गई। यह मुलाकात भारत-ईयू संबंधों को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • जयशंकर और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच महत्वपूर्ण बैठक।
  • पश्चिम एशिया और यूक्रेन में घटनाओं पर चर्चा।
  • भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन।
  • शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयास।
  • भारत-ईयू संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम।

ब्रुसेल्स, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को बेल्जियम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस चर्चा में पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हाल की घटनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने लेयेन के समकालीन वैश्विक मुद्दों पर दृष्टिकोण की सराहना की।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्‍स' पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से आज दोपहर मिलना एक सुखद अनुभव था। इस जनवरी में उनका भारत का सफल दौरा हमारे संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। हम इस पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। उनके समकालीन वैश्विक घटनाओं पर विचारों की मैं सराहना करता हूँ।"

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को जल्द से जल्द लाभ मिले।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्‍स' पर लिखा, "आज एस. जयशंकर के साथ एक अच्छी बैठक हुई। इस जनवरी में ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में हमने अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।"

उन्होंने आगे कहा, "अब हम इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यूरोप और भारत के नागरिकों के लिए जल्द से जल्द लाभ सुनिश्चित किया जा सके। हमने मध्य पूर्व और यूक्रेन की घटनाओं पर भी चर्चा की। शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा हमारे साझा लक्ष्य हैं।"

विदेश मंत्री जयशंकर वर्तमान में बेल्जियम में दो दिवसीय यात्रा पर हैं, जो ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कालास के निमंत्रण पर हो रही है, ताकि २७ ईयू सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ विदेश मामलों की परिषद की बैठक में बातचीत की जा सके।

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, "इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री यूरोपीय संघ के नेतृत्व और बेल्जियम सहित अन्य ईयू सदस्य देशों के अपने समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री की यह यात्रा हाल ही में हुए ऐतिहासिक १६वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है और इससे भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा होने की उम्मीद है।"

२७ जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की घोषणा की, यह बताते हुए कि यह ऐतिहासिक साझेदारी दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के व्यवसाय, उपभोक्ताओं और कुशल कार्यबल के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगी।

Point of View

NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

जयशंकर और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच चर्चा का मुख्य मुद्दा क्या था?
मुख्य मुद्दा पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हाल की घटनाओं पर चर्चा करना था।
भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का क्या महत्व है?
यह एग्रीमेंट दोनों देशों के व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा।
जयशंकर की यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
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