ब्रुसेल्स में विदेश मंत्री जयशंकर की यूरोपीय यूनियन के साथ महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- भारत-ईयू संबंधों को मज़बूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक।
- व्यापार, निवेश और रक्षा पर चर्चा।
- पश्चिम एशिया, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर विचार।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय यूनियन के विदेश मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह उनकी दो दिवसीय यात्रा का दूसरा दिन था।
बैठक के दौरान भारत-ईयू संबंधों को मज़बूत करने, व्यापार-निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और साथ ही पश्चिम एशिया, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ''सोमवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय यूनियन के विदेश मंत्रियों से मिलकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई। मुझे विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास का धन्यवाद देना है, जिन्होंने इस विदेश मामलों की परिषद की बैठक में मुझे आमंत्रित किया।''
2026 में भारत-ईयू संबंधों में एक नया अध्याय खुला है। विदेश मंत्री ने विभिन्न समझौतों को ठोस परिणामों में बदलने के प्रयासों का समन्वय किया, इसलिए आज की चर्चा में विशेष रूप से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, आवाजाही और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
बहुध्रुवीय दुनिया में भारत और ईयू के बीच बढ़ती सहमति दोनों पक्षों के बीच गहन विचार-विमर्श में भी स्पष्ट है। आज की बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर चर्चा हुई।
इस यात्रा के दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मिलने का भी जिक्र किया गया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, ''इस यात्रा के दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से मिलकर बहुत अच्छा लगा। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।''
उन्होंने एक और पोस्ट में कहा, ''आज स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार से मिलकर बहुत खुशी हुई। स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा ने हमारे संबंधों में एक नई गति प्रदान की है। हमने अपने द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा की, जिसमें विनिर्माण, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।''
यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात का भी जिक्र किया। मंत्री जयशंकर ने लिखा, ''सोमवार दोपहर यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर बहुत खुशी हुई। इस जनवरी में भारत की उनकी सफल राजकीय यात्रा हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई है। हम इस पर पूरी सक्रियता से आगे बढ़ रहे हैं। समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों की हम सराहना करते हैं।''