विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएई में भारतीय समुदाय के सदस्यों से की बातचीत
सारांश
Key Takeaways
- विदेश मंत्री एस जयशंकर का यूएई दौरा भारतीय समुदाय के साथ संचार को मजबूत करता है।
- सरकार के द्वारा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, और बुनियादी ढांचे पर महत्वपूर्ण परिणामों की बात की गई।
अबू धाबी, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने दो दिवसीय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दौरे की शुरुआत शनिवार को वहां के भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करके की।
इस अवसर पर, उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मेरी यूएई यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत से हुई। मैं उन्हें पश्चिम एशिया में संकट के बीच उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए भारत सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। कठिन समय में स्थानीय समाज में उनके योगदान और यूएई सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की।”
एस जयशंकर इससे पहले मॉरीशस के दो दिवसीय दौरे को पूरा करके यूएई पहुंचे। मॉरीशस यात्रा के दौरान, उन्होंने ९वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भी भाग लिया।
इस यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और हरित गतिशीलता जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति, विजन महासागर और वैश्विक दक्षिण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दोहराया गया।
दोनों देशों के बीच ‘स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज २०२५’ के अंतर्गत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भारत और मॉरीशस सरकार के बीच पत्र का आदान-प्रदान भी हुआ।
यूएई दौरे के अगले चरण में विदेश मंत्री वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
इससे पहले दिन में जयशंकर ने बताया कि ईरान से ३१२ भारतीय मछुआरों को सुरक्षित निकालकर आर्मेनिया के रास्ते भारत लाया गया है।
उन्होंने कहा कि आर्मेनिया, ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने पहले जानकारी दी थी कि ईरान से १,२०० से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें से ९९६ को आर्मेनिया भेजा गया है।