बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा जल्द, संजय झा का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में नए मुख्यमंत्री का नाम जल्द ही घोषित किया जाएगा।
- संजय झा ने कहा कि सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा है।
- महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की योजना २०२९ से है।
पटना, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सीएम का नाम अंतिम किया जाएगा। इसी बीच, जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी और गठबंधन के स्तर पर जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह स्वीकार किया जाएगा।
बिहार की राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में संजय कुमार झा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "सभी प्रक्रियाएँ सुचारू रूप से चल रही हैं। कोई समस्या नहीं है। सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। जल्दी ही नए मुख्यमंत्री का नाम सार्वजनिक किया जा सकता है।"
नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बारे में चल रही चर्चाओं पर संजय झा ने बताया कि प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से प्रगति कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी और गठबंधन द्वारा लिया गया निर्णय राज्य के हित में होगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि जदयू नेतृत्व आंतरिक स्तर पर स्थिति को संतुलित बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
संसद के विशेष सत्र और महिला आरक्षण विधेयक पर भी संजय कुमार झा ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र ऐतिहासिक साबित होगा। झा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब उनके पास सत्ता थी, तब उन्होंने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि अब वे इसकी आलोचना कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेजे गए पत्र का उल्लेख करते हुए झा ने इसे आजादी के बाद के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा और सभी राजनीतिक दलों को इसका समर्थन करना चाहिए। उनके अनुसार, महिलाओं की भागीदारी नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में बढ़ेगी।
सोनिया गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय झा ने प्रश्न उठाया कि यदि यह मुद्दा पहले से तय था, तो कांग्रेस सरकार के समय इसे लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि जब नीतीश कुमार केंद्र में थे, तब उन्होंने इस विधेयक के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
संजय झा ने बताया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के अंतर्गत लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा, जिसे २०२९ से लागू करने की योजना है।