ईरान का विश्वास अर्जित करना अमेरिका के लिए मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र विकल्प: बाकेर कालिबाफ

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ईरान का विश्वास अर्जित करना अमेरिका के लिए मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र विकल्प: बाकेर कालिबाफ

सारांश

तेहरान, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका को मौजूदा संकट से उभरने के लिए ईरानी जनता का विश्वास प्राप्त करना होगा। जानिए उनकी प्रतिक्रिया और वार्ता के दौरान की गई टिप्पणियाँ।

Key Takeaways

  • संयुक्त राज्य अमेरिका को ईरानी जनता का विश्वास अर्जित करना होगा।
  • क़ालिबाफ ने वार्ता को गंभीर और चुनौतीपूर्ण बताया।
  • ईरान किसी भी धमकी के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है।

तेहरान, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ ने यह कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र उपाय यह है कि वह ठोस निर्णय ले और ईरानी जनता का विश्वास प्राप्त करे।

उन्होंने यह बयान पाकिस्तान की अपनी यात्रा से लौटते समय पत्रकारों को संबोधित करते हुए दिया, जहाँ उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता में भाग लिया।

क़ालिबाफ ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका को ईरानी जनता का ऋणी होना चाहिए और इसके लिए उसे मेहनत करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “यदि वे लड़ाई का रास्ता अपनाते हैं, तो हम भी तैयार हैं। लेकिन यदि वे संवाद के माध्यम से आगे बढ़ते हैं, तो हम तर्क के साथ उनका उत्तर देंगे। हम किसी भी प्रकार की धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। वे हमारी इरादे की परीक्षा ले सकते हैं और हम उन्हें एक बड़ा पाठ सिखाएंगे।”

क़ालिबाफ ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता को “बहुत गहन, गंभीर और चुनौतीपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के सहयोग से, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत में प्रगति के लिए “महत्वपूर्ण पहल” तैयार की।

उन्होंने फिर से स्पष्ट किया, “हमने पहले ही कहा था कि हम अमेरिकियों पर भरोसा नहीं करते। हमारा अविश्वास पिछले 77 वर्षों से है। इस समय में, पिछले 12 महीनों में बातचीत के दौरान उन्होंने हम पर दो बार हमला किया है। इसलिए, उन्हें ही हमारा विश्वास जीतना होगा।”

क़ालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ की गई हालिया धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं है।

ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच शनिवार और रविवार को इस्लामाबाद में लम्बी बातचीत हुई, लेकिन वे किसी समझौते पर नहीं पहुँच सके। यह बातचीत 40 दिनों की लड़ाई के बाद हुई थी जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई थी।

Point of View

NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

क़ालिबाफ ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?
क़ालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को ईरानी जनता का विश्वास हासिल करना होगा और यदि वे लड़ाई का रास्ता चुनते हैं, तो ईरान भी उत्तर देने के लिए तैयार है।
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का क्या परिणाम रहा?
वार्ता किसी समझौते पर नहीं पहुँच सकी, और दोनों पक्षों के बीच बातचीत तनावपूर्ण रही।
क़ालिबाफ ने अमेरिकी धमकियों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
क़ालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि इसका ईरानी जनता पर कोई असर नहीं है।
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