पंजाब विधानसभा ने बेअदबी रोकने वाला बिल पास किया, सख्त सजाओं का प्रावधान

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पंजाब विधानसभा ने बेअदबी रोकने वाला बिल पास किया, सख्त सजाओं का प्रावधान

सारांश

पंजाब विधानसभा ने आज एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह बिल सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए सख्त कानूनी उपाय प्रदान करता है।

Key Takeaways

  • आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान
  • सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा
  • सख्त समय-सीमा में कार्रवाई
  • सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए सुरक्षा
  • डीएसपी-रैंक के अधिकारियों द्वारा जांच

चंडीगढ़, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब विधानसभा ने सोमवार को सर्वसम्मति से 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026' को पारित किया है। इस विधेयक में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

इस बिल का उद्देश्य बेअदबी के संगठित कृत्यों के माध्यम से सांप्रदायिक सद्भाव को विघटित करने की कोशिशों के खिलाफ एक कठोर कानूनी रोक लगाना है। यह विधेयक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को सभी 'स्वरूपों' का संरक्षक भी नियुक्त करता है।

जब एक दिवसीय विशेष सत्र में विधेयक पर चर्चा की गई, तब संत समाज के सदस्य और विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के नेता मौजूद थे।

इस विधेयक में अपवित्रीकरण को इस प्रकार परिभाषित किया गया है, "कोई भी जानबूझकर और सोच-समझकर किया गया ऐसा कार्य, जिसका उद्देश्य 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब' के स्वरूपों (या उसके किसी हिस्से) को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाकर, विरूपित करके, जलाकर, फाड़कर या चुराकर अपवित्र करना हो या फिर शब्दों (चाहे बोले गए हों या लिखे गए), संकेतों, दृश्य प्रस्तुतियों, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों या किसी अन्य तरीके से किया गया ऐसा कार्य, जिसकी प्रकृति ऐसी हो कि वह सिख धर्म को मानने वाले लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए।"

इस विधेयक में 5 लाख रुपए से लेकर 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है, और यह उन लोगों को भी, जो अपराध के लिए उकसाते हैं या उसमें मदद करते हैं, मुख्य अपराधियों के समान मानता है, और उन्हें भी उतनी ही अधिकतम सजा का हकदार बनाता है।

राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक और अडिग कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पिछले सरकारों के तरीकों से बिल्कुल अलग है। इसके माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह 'बेअदबी' के मामलों में सख्त और समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करेगी और किसी भी प्रकार के समझौते की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त कर देगी।

विधानसभा में इस ऐतिहासिक विधेयक पर चर्चा करते हुए, बैंस ने सिख धर्मग्रंथों की पवित्रता की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "आज मैं केवल एक विधायक नहीं हूं। मैं उस पावन धरती की आवाज हूं, जहां 327 वर्ष पूर्व 13 अप्रैल को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूरे विश्व को 'खालसा' की सौगात दी थी।"

उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार के इस कदम की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए कहा कि तथाकथित 'पंथिक' सरकारें गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान की रक्षा के लिए कोई कड़ा कानून बनाने में असफल रहीं। इनमें से कुछ तो स्वयं गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की दोषी थीं और बाद में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब में अपना अपराध स्वीकार भी किया।

मंत्री ने इस विधेयक को एक व्यापक और दूरदर्शी कानून के रूप में सराहा, और इसकी मुख्य व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 'बेअदबी' के मामलों की जांच केवल डीएसपी-रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी ही कर सकेंगे, तथा जांच और मुकदमे के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित की गई है।

यह अपराध समझौता-रहित और संज्ञेय होगा, जिसके तहत अदालत के बाहर समझौते की मनाही होगी और बिना वारंट के गिरफ्तारी की अनुमति होगी।

बैंस ने कहा कि यह कानून केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं है, क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हिंदुओं, मुसलमानों और विश्वभर में उन सभी लोगों के लिए एक पूजनीय ग्रंथ है जो इसके संदेश को मानते हैं। इस प्रकार यह सभी धर्मों के मानने वालों के मन को शांति प्रदान करता है।

उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के महत्व को याद करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब ने 'चक-नानकी' (जो अब श्री आनंदपुर साहिब है) नगर की स्थापना की थी। मैं खुद को धन्य महसूस करता हूं कि मुझे इस पवित्र भूमि का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में इस विधानसभा को गुरु के चरणों में समर्पित किया।

Point of View

बल्कि सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए एक सुरक्षा चक्र प्रदान करता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकना और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा करना है।
इस विधेयक में सजा का क्या प्रावधान है?
इस विधेयक में बेअदबी के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
क्या यह विधेयक सभी धर्मों के लिए लागू होगा?
हाँ, यह विधेयक सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए लागू होगा, क्योंकि गुरु ग्रंथ साहिब सभी के लिए पूजनीय है।
इस विधेयक को पारित करने में किसने भूमिका निभाई?
पंजाब विधानसभा ने इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें संत समाज के सदस्य और धार्मिक नेता उपस्थित थे।
इस विधेयक की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
इस विधेयक में बेअदबी मामलों की जांच के लिए सख्त समय-सीमा और उच्च रैंक के अधिकारियों द्वारा जांच का प्रावधान है।
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