बंगाल में अराजकता की स्थिति, दिलीप घोष ने टीएमसी पर किया प्रहार
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने का आश्वासन दिया गया है।
- बंगाल में राजनीतिक बदलाव की आवश्यकता है।
- टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
खड़गपुर, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने एक बार फिर से टीएमसी सरकार और ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में भी अपने विचार साझा किए।
दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, "महिला आरक्षण विधेयक अवश्य पारित होगा और यह कानून बनेगा। यह नरेंद्र मोदी का वादा है। महिलाओं के अधिकार और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा, चाहे कोई भी कितना भी विरोध करे। महिलाओं को केवल १५०० रुपए भत्ता देकर नहीं चलाया जाएगा, उन्हें सम्मान और अधिकार की भी आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "पूरे बंगाल की स्थिति एक जैसी है। इसीलिए यहाँ बदलाव की आवश्यकता है। यहाँ राष्ट्रविरोधी ताकतें सक्रिय हैं। पूरे बंगाल में अराजकता का माहौल है। बस, ट्रेन और भाजपा कार्यालयों में आगजनी की घटनाएँ हो रही हैं। यह सब 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह की मदद से हो रहा है। हम इसे उखाड़ फेंकेंगे।"
दिलीप घोष ने बताया, "पूरी टीएमसी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। भाजपा सरकार बनने के बाद, कानून का उल्लंघन करने और भ्रष्टाचार करने वालों को सजा मिलेगी। अब नरेंद्र मोदी की गारंटी है। लोग इस पर विश्वास करेंगे। ममता बनर्जी अब सत्ता से बाहर जाने वाली हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम सबका साथ और सबका विकास करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश के नेता हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा सरकार सुशासन प्रदान कर रही है। हम इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैं।"
इससे पहले, रविवार को दिलीप घोष ने कहा था कि पुलिस अभी भी चुनाव आयोग की मदद नहीं कर रही है। खड़गपुर में कई पुलिस अधिकारी मतदाताओं को डराकर टीएमसी के पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बना रहे हैं। यह आशंका पहले से थी कि चुनाव में बम, बंदूक और पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा। अब यही डर हकीकत में बदलता दिख रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, खड़गपुर में ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा, "पश्चिम बंगाल में परिवर्तन आ रहा है। सभी को विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल का विकास होगा। हमारे चुनाव घोषणापत्र में स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है।"