बेल्जियम दौरे में विदेश मंत्री ने व्यापार, सेमीकंडक्टर, और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की चर्चा की
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. एस. जयशंकर का बेल्जियम दौरा व्यापार और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद स्थापित करने पर सहमति बनी।
- भारत-ईयू संबंधों में हाल के बदलाव महत्वपूर्ण हैं।
- मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच का एक महत्वपूर्ण कदम है।
- सेमीकंडक्टर और नवाचार में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर वर्तमान में दो दिवसीय बेल्जियम यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के दूसरे दिन, उन्होंने ब्रुसेल्स में बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो से एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस वार्ता में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर का यह दौरा 16वें इंडिया-ईयू समिट के बाद हो रहा है, जिसका उद्देश्य हाल की चर्चाओं को आगे बढ़ाना और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है।
इससे संबंधित, डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "ब्रुसेल्स के दूसरे दिन की शुरुआत बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो से मुलाकात के साथ हुई। हमने सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, और नवाचार में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनाई।"
इससे पहले, मंत्री जयशंकर ने साइप्रस के विदेश मंत्री से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए लिखा, "आज ब्रुसेल्स में साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।"
गौरतलब है कि भारत-ईयू के संबंध 2026 में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। इस वर्ष की शुरुआत में, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही रणनीतिक साझेदारी अब आर्थिक और भू-राजनीतिक तालमेल में बदल गई है।
जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता हुआ। यह समझौता तब हुआ जब अमेरिका ने टैरिफ के माध्यम से सभी देशों के साथ अपनी शर्तों पर व्यापार करने का प्रयास किया।