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क्या एस जयशंकर ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में फ्रांस, ब्राजील, यूके और जर्मनी के समकक्षों से मुलाकात की?

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क्या एस जयशंकर ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में फ्रांस, ब्राजील, यूके और जर्मनी के समकक्षों से मुलाकात की?

सारांश

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में कई प्रमुख देशों के विदेश मंत्रियों से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन किया। यह बैठक वैश्विक सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

भारत-फ्रांस संबंधों की समीक्षा ब्राजील के साथ व्यापार और निवेश में वृद्धि यूनाइटेड किंगडम के साथ सहयोग में सकारात्मक गति जर्मनी के साथ भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को आगे बढ़ाना वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक लचीलापन पर ध्यान केंद्रित करना

नई दिल्ली, १२ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। विदेश मंत्री जयशंकर ने कनाडा के नियाग्रा में फ्रांस, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

विदेश मंत्री जयशंकर ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से मुलाकात की। दोनों ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, "हमारी रणनीतिक साझेदारी का जायजा लिया। बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय स्वरूपों में हमारे सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की।"

इसके साथ ही उन्होंने ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा से भी मुलाकात की और कहा, "आज दोपहर ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा से मिलकर खुशी हुई। हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हुई हालिया प्रगति की सराहना की। हम व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ाने के अवसरों की सक्रियता से तलाश कर रहे हैं।"

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर के साथ बातचीत में, एस जयशंकर ने कहा कि जी7 विदेश मंत्री की बैठक के दौरान ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने हमारे संबंधों में सकारात्मक गति को स्वीकार किया और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के लिए भारत-ब्रिटेन विजन (आईएनजीबी) 2035 की फिर से पुष्टि की।

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल और भारतीय विदेश मंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की और मध्य पूर्व, हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान के घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, "हमारी रणनीतिक साझेदारी और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया, हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।"

बता दें, भारत, कनाडा की अध्यक्षता में जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ एक आमंत्रित भागीदार के रूप में भाग ले रहा है। यह दो दिवसीय आयोजन वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक लचीलापन, ऊर्जा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित है।

इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था, "जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री की भागीदारी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे वह वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के प्रयासों से भारत की आवाज को और मजबूती मिलेगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक का उद्देश्य क्या है?
यह बैठक वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक लचीलापन, ऊर्जा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के लिए आयोजित की गई है।
भारत की इस बैठक में भागीदारी का क्या महत्व है?
भारत की भागीदारी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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