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जयशंकर और रामगुलाम की मुलाकात: भारत-मॉरीशस संबंधों में नई मजबूती

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जयशंकर और रामगुलाम की मुलाकात: भारत-मॉरीशस संबंधों में नई मजबूती

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम से मिलकर दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर चर्चा की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बात की गई, जिससे द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बातें

भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।
जयशंकर ने प्रधानमंत्री रामगुलाम से मुलाकात की।
कई नए कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया।
आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल लॉन्च किया गया।
स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच की संबंधों में मजबूती पर संतोष प्रकट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी प्रेषित की और द्विपक्षीय सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ''मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम से मिलकर खुशी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। पिछले एक साल में हमारी व्यापक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।''

उन्होंने कहा, ''हमने विकास सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, मोबिलिटी, प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे कई पहलुओं पर चर्चा की। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और उनके प्रभावों पर भी बात हुई।''

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और मॉरीशस की चिरस्थायी मित्रता के प्रति प्रधानमंत्री रामगुलाम की प्रतिबद्धता का हम तहे दिल से सम्मान करते हैं।

इस विशेष बैठक में, विदेश मंत्री ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज के लिए एलओई (लेटर ऑफ एक्सचेंज) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारत मॉरीशस के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और सुरक्षा के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मॉरीशस में भारत की मदद से निर्मित 11 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपीएस) का उद्घाटन किया गया। ये प्रोजेक्ट्स सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ऊर्जा, खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित हैं और इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत हर मॉरीशियन तक विकास पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

इसके अलावा, पहली बार किसी साझेदार देश के लिए आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल लॉन्च किया गया, जो मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों के लिए है। इससे प्रशासन और लोगों के लिए कार्य करने की प्रक्रिया और बेहतर हो सकेगी।

यूजीसी इंडिया और मॉरीशस के हायर एजुकेशन कमीशन के बीच सहयोग के लिए समझौते (एमओयू) पर भी चर्चा की गई।

हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग के तहत समुद्री नक्शों की बिक्री के लिए 45,000 अमेरिकी डॉलर की रॉयल्टी चेक सौंपे जाने की भी सराहना की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और मॉरीशस के बीच क्या संबंध हैं?
भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं।
विदेश मंत्री की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
विदेश मंत्री की मुलाकात का उद्देश्य भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा करना था।
क्या नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं?
हाँ, भारत की मदद से कई नई कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं जो मॉरीशस के विकास में योगदान करेंगे।
आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल क्या है?
आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्य की सुविधा प्रदान करेगा।
भारत ने मॉरीशस को किस प्रकार की सहायता प्रदान की है?
भारत ने मॉरीशस को स्वास्थ्य, शिक्षा, और सुरक्षा के क्षेत्रों में विभिन्न सहायता प्रदान की है।
राष्ट्र प्रेस
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