क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईयू नेताओं कोस्टा और लेयेन से मुलाकात की?

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क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईयू नेताओं कोस्टा और लेयेन से मुलाकात की?

सारांश

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से महत्वपूर्ण मुलाकात की है। क्या यह मुलाकात भारत-ईयू संबंधों में नया मोड़ लाएगी? जानें इस महत्वपूर्ण समिट के बारे में।

Key Takeaways

  • विदेश मंत्री एस जयशंकर की यूरोपीय नेताओं से मुलाकात महत्वपूर्ण है।
  • दोनों नेता ७७वें गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि हैं।
  • भारत-ईयू संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।
  • बातचीत में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने पर जोर होगा।
  • बिजनेस संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एफटीए पर चर्चा होगी।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। दोनों नेता ७७वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ईएएम एस जयशंकर से मुलाकात से पहले ईयू के दोनों बड़े नेताओं का औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "ईयू काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और ईयू कमीशन की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। ७७वें रिपब्लिक डे समारोह के लिए उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना हमारे लिए गर्व की बात है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आने वाली बातचीत भारत-यूरोपीय यूनियन के संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगी।"

इससे पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-ईयू: भरोसे और विश्वास की साझेदारी। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचने पर दिल से स्वागत है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया।"

उन्होंने कहा, "यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के ७७वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं। इस दौरे से भारत-ईयू स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और भी मजबूत होगी।

समिट में दोनों पक्ष एक संयुक्त ईयू-भारत कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक एजेंडा अपनाने पर चर्चा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य चार क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है, जिसे विभिन्न स्तंभों द्वारा सशक्त किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में समृद्धि और स्थिरता, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्ष एफटीए को लेकर अंतिम चरण की चर्चा पर निर्णय ले सकते हैं। यह समझौता २००७ में शुरू हुआ था और २०२२ में इसे फिर से लॉन्च किया गया। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह मुलाकात भारत-यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी। भारत को वैश्विक मंच पर अधिक मजबूती से स्थापित करने के लिए यह कदम आवश्यक है।
NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

विदेश मंत्री एस जयशंकर की इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत-ईयू के बीच रणनीतिक संबंधों को सशक्त बनाना है।
क्या इस मुलाकात से भारत और यूरोप के बीच व्यापार बढ़ेगा?
हां, यह मुलाकात द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी।
मुख्य अतिथि के तौर पर कौन लोग शामिल होंगे?
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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