क्या यूरोपीय काउंसिल की अध्यक्ष उर्सुला वॉन भारत पहुंच गई हैं?
सारांश
Key Takeaways
- उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत दौरा महत्वपूर्ण है।
- गणतंत्र दिवस समारोह में उनकी उपस्थिति एक ऐतिहासिक क्षण है।
- भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता अंतिम चरण में है।
- दौरा भारत-ईयू संबंधों को और मजबूत करेगा।
- यह समय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का है।
नई दिल्ली, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूरोपीय काउंसिल (ईसी) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को भारत पहुँच चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। इस दौरे को ईयू नेताओं के लिए विशेष महत्व दिया जा रहा है। अटकलें हैं कि दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है। विदेश मंत्रालय ने उनकी भारत यात्रा की जानकारी साझा की।
ज्ञात हो कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए वार्ता अपने अंतिम चरण में है। उच्च अधिकारियों का मानना है कि यह एफटीए सभी समझौतों का आधार है। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "भारत-ईयू साझेदारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अगले चरण की रूपरेखा। यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत के उनके राजकीय दौरे पर स्वागत। कॉमर्स और इंडस्ट्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। दोनों देश विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और आपसी भरोसे तथा साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारी रखते हैं।"
अपने दौरे के दौरान, वह यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ भारत के ७७वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह भारत-ईयू संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा।
यूरोपीय संघ के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि तथा उपाध्यक्ष काजा कैलास भी शनिवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत आईं। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का सही समय बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दौरे की घोषणा की। उन्होंने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
रणधीर जायसवाल ने कहा, "ईयू एचआरवीपी काजा कैलास का भारत के पहले आधिकारिक दौरे पर स्वागत है। यह दौरा भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए सही समय पर हो रहा है, जो उच्च स्तरीय संवाद को आगे बढ़ाएगा।"