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क्या जयशंकर ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल से एफटीए पर चर्चा की और 2025 तक समझौता करने का लक्ष्य रखा?

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क्या जयशंकर ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल से एफटीए पर चर्चा की और 2025 तक समझौता करने का लक्ष्य रखा?

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। चर्चा का मुख्य बिंदु भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) था, जिसका लक्ष्य 2025 के अंत तक पूरा करना है। यह वार्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

मुख्य बातें

भारत-यूरोपीय संघ एफटीए पर चर्चा हुई।
2025 के अंत तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य।
बैठक में वैश्विक स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों पक्षों के बीच सहयोग को गहरा करने की आवश्यकता।
भारत और यूरोप के रिश्तों को मजबूत करने का अवसर।

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में अभिसरण को अधिकतम करने और सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, "गुरुवार को दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति (आईएनटीए) के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। चर्चा हुई कि भारत और यूरोपीय संघ अभिसरण को कैसे अधिकतम कर सकते हैं और सहयोग को कैसे गहरा कर सकते हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सकती है और लोकतांत्रिक ताकतें मजबूत हो सकती हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का शीघ्र समापन इन उद्देश्यों में बड़ा बदलाव ला सकता है।"

इससे पहले, 26-28 अक्टूबर को ब्रुसेल्स यात्रा पर रहे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफ्कोविक के साथ एफटीए के लंबित मुद्दों पर सार्थक बातचीत की थी।

आधिकारिक बयान में कहा गया है, "फरवरी 2025 में आयुक्तों के कॉलेज की नई दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए, दोनों पक्षों ने 2025 के अंत तक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को संपन्न करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।"

यह बातचीत एक ऐसे व्यापार समझौते पर हुई जो दोनों पक्षों को फायदा दे, संतुलित और निष्पक्ष हो। यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहरा भरोसा और मजबूत रणनीतिक रिश्ते दर्शाएगा। साथ ही, दोनों एक-दूसरे की संवेदनशील बातों और प्राथमिकताओं का पूरा सम्मान करेंगे।

पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता को शीघ्र पूरा करने और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक (आईएमईईसी) गलियारे के कार्यान्वयन के लिए साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच का यह मुक्त व्यापार समझौता न केवल व्यापारिक लाभों की बात है, बल्कि यह राजनीतिक सहयोग और सामरिक रिश्तों को भी मजबूत करेगा। इस दिशा में उठाए गए कदम हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-यूरोपीय संघ एफटीए का महत्व क्या है?
यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करेगा।
क्या यह समझौता 2025 तक पूरा हो जाएगा?
जी हां, दोनों पक्षों ने 2025 के अंत तक इसे पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस समझौते से भारत को क्या लाभ होगा?
इससे भारत को नए बाजारों में प्रवेश और आर्थिक विकास के अवसर प्राप्त होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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