एस. जयशंकर और एंजेलिका नीबलर के बीच भारत-ईयू संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा

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एस. जयशंकर और एंजेलिका नीबलर के बीच भारत-ईयू संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संसद की सदस्य एंजेलिका नीबलर के साथ भारत-ईयू संबंधों की नई दिशा पर चर्चा की। दोनों पक्षों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की उम्मीद की जा रही है।

Key Takeaways

  • भारत-ईयू संबंधों का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
  • यूरोपीय संसद सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बनेगी।
  • संसदीय मित्रता समूह की पहली बैठक सफल रही।
  • प्रधानमंत्री मोदी और ओम बिरला के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहे हैं।
  • भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में संभावनाएं हैं।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने सोमवार को यूरोपीय संसद की सदस्य एंजेलिका नीबलर के नेतृत्व में संसद के सदस्यों से संवाद किया। इस संवाद के दौरान भारत-ईयू संबंधों के एक नए अध्याय और दोनों पक्षों के बीच बढ़ती सहमति पर चर्चा की गई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने यह विश्वास व्यक्त किया कि यूरोपीय संसद सहयोग के इस नए युग में एक मजबूत आधार बनेगी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "एंजेलिका नीबलर के नेतृत्व में यूरोपीय संसद के सदस्यों के साथ चर्चा करके मुझे खुशी हुई। हमने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के नए अध्याय और हमारे बीच बढ़ते सामंजस्य पर विचार किया। जैसे-जैसे सहयोग का एजेंडा बढ़ेगा, वैसे-वैसे आपसी सहजता भी बढ़ेगी। मुझे विश्वास है कि यूरोपीय संसद इस नए दौर में एक मजबूत स्तंभ साबित होगी।"

इससे पहले दिन में, भारत-यूरोपीय संसद संसदीय मित्रता समूह की पहली बैठक संसद भवन में हुई। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वह इस समूह के अध्यक्ष के रूप में और अधिक बैठकों की आशा करते हैं, ताकि संसदीय कूटनीति और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "भारत-यूरोपीय संसद संसदीय मित्रता समूह की पहली बैठक सोमवार को संसद भवन में हुई, जिसमें यूरोपीय संसद के भारत के साथ संबंधों के प्रतिनिधिमंडल (डी-आईएन) ने भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता एंजेलिका नीबलर ने की।"

उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम ब‍िरला के मार्गदर्शन का आभारी हूं। इस समूह के अध्यक्ष के रूप में और ऐसी बैठकों का नेतृत्व करने के लिए उत्सुक हूं ताकि संसदीय कूटनीति और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को मजबूत किया जा सके। हम एक मजबूत साझेदारी के लिए एक साथ काम करेंगे।"

इस महीने की शुरुआत में, जयशंकर ने ब्रुसेल्स की एक सफल यात्रा की, जहां उन्होंने यूरोपीय संघ के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की और हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत "विशाल आर्थिक संभावनाओं" पर चर्चा की, जिससे व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

Point of View

NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत-ईयू संबंधों में क्या नई बातें सामने आईं?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संसद सदस्यों के साथ बातचीत में भारत-ईयू संबंधों के नए अध्याय और सहयोग में बढ़ती सहमति पर चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग को मजबूत करना और संसदीय कूटनीति को बढ़ावा देना था।
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