आईपीएल 2026: जैकब बेथेल लगातार 7 पारियों में फ्लॉप, विराट कोहली के साथ वेंकटेश अय्यर हो सकते हैं आरसीबी के लिए बेहतर ओपनर
सारांश
मुख्य बातें
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए आईपीएल 2026 में ओपनिंग जोड़ी एक बड़ी चुनौती बन गई है। सीज़न की शुरुआत में विराट कोहली और फिल सॉल्ट की जोड़ी ने पारी खोली, लेकिन 6 मैचों के बाद सॉल्ट चोट के कारण प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए। उनकी जगह इंग्लैंड के बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल को कोहली के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई — लेकिन बेथेल इस भूमिका में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।
बेथेल का निराशाजनक प्रदर्शन
जैकब बेथेल ने सॉल्ट के बाहर होने के बाद 7 पारियों में कोहली के साथ पारी की शुरुआत की है और सातों मैचों में वे फ्लॉप रहे हैं। इन 7 पारियों में बेथेल का कुल स्कोर महज 97 रन है और उनका सर्वाधिक स्कोर केवल 27 रन रहा है — एक भी अर्धशतक नहीं। यह प्रदर्शन उस खिलाड़ी से बिल्कुल अलग है जिसने टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ यादगार शतक जड़ा था। आरसीबी को उम्मीद थी कि बेथेल उसी फॉर्म को आईपीएल में भी जारी रखेंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
वेंकटेश अय्यर क्यों हो सकते हैं श्रेष्ठ विकल्प
आरसीबी के पास एक व्यावहारिक विकल्प मौजूद है — वेंकटेश अय्यर। बाएं हाथ के इस अनुभवी बल्लेबाज के पास आईपीएल का लंबा और ठोस अनुभव है। अय्यर आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ पारी को संभालने में भी सक्षम हैं। इस सीज़न में उन्हें बेहद कम मौके मिले हैं, जबकि उनकी क्षमता कहीं अधिक है। उल्लेखनीय है कि अय्यर गेंदबाजी में भी टीम के काम आ सकते हैं, जिससे आरसीबी को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
अय्यर का आईपीएल रिकॉर्ड
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए बतौर ओपनर खेलते हुए वेंकटेश अय्यर ने 22 मैचों में 740 रन बनाए हैं, जो उनकी ओपनिंग क्षमता को साबित करता है। रविवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच से पहले तक अय्यर अपने 65 आईपीएल मैचों में अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेलते हुए कुल 1,509 रन बना चुके थे, जिसमें 1 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं।
आगे क्या हो सकता है
जब तक फिल सॉल्ट चोट से उबरकर टीम में वापस नहीं लौटते, तब तक आरसीबी के लिए सबसे समझदारी भरा कदम यही होगा कि वे वेंकटेश अय्यर को विराट कोहली के साथ ओपनिंग का मौका दें। अय्यर का अनुभव, बाएं हाथ का कोण और गेंदबाजी उपयोगिता — तीनों मिलकर आरसीबी की ओपनिंग समस्या का एक व्यावहारिक समाधान पेश करते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन इस विकल्प को कब और कैसे आज़माता है।