चीन, अमेरिका और यूएई की पुलिस का दुबई में पहला संयुक्त अभियान, 276 संदिग्ध गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
चीन, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पुलिस बलों ने पहली बार मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन अभियान चलाया, जिसमें दुबई में दूरसंचार और ऑनलाइन धोखाधड़ी के नेटवर्क को निशाना बनाया गया। चीनी सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने 18 मई 2025 को इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त कार्रवाई में नौ धोखाधड़ी अड्डों का भंडाफोड़ किया गया और 276 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान का स्वरूप और कार्यप्रणाली
जाँच में सामने आया कि ये धोखाधड़ी गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए पीड़ितों से संपर्क करते थे और उनके साथ प्रेम संबंध स्थापित करते थे। विश्वास जीतने के बाद ये गिरोह पीड़ितों को तथाकथित उच्च-लाभ वाले क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्टों में निवेश के लिए प्रेरित करते थे, जिससे वे ठगी का शिकार हो जाते थे। इस प्रकार की धोखाधड़ी को आमतौर पर 'पिग बुचरिंग स्कैम' के नाम से जाना जाता है, जो हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर तेज़ी से फैली है।
तीन देशों का पहला साझा मोर्चा
यह अभियान इस लिहाज़ से ऐतिहासिक है क्योंकि चीन, अमेरिका और यूएई — तीन देश जिनके बीच कूटनीतिक संबंध हमेशा सहज नहीं रहे — ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक साझा मंच पर काम किया। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और एकल देश की कार्रवाइयाँ अपर्याप्त साबित हो रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
चीनी सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह संयुक्त अभियान चीनी पुलिस के अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीनी पुलिस आगे भी अधिक देशों के साथ व्यावहारिक सहयोग गहरा करेगी, दूरसंचार धोखाधड़ी के अड्डों को ध्वस्त करेगी और संदिग्धों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
आम जनता पर असर
क्रिप्टोकरेंसी-आधारित धोखाधड़ी ने दुनिया भर में लाखों लोगों को आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। सोशल मीडिया के ज़रिए भावनात्मक विश्वास बनाकर ठगी करने की यह पद्धति विशेष रूप से खतरनाक है, क्योंकि पीड़ित अक्सर देर से ठगी का एहसास करते हैं। इस अभियान की सफलता से भविष्य में ऐसे बहुपक्षीय अभियानों की संभावना और मज़बूत हुई है।