उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्ट: 21 मई तक तापमान 3-5 डिग्री बढ़ने की चेतावनी, दिल्ली-राजस्थान सबसे अधिक प्रभावित

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उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्ट: 21 मई तक तापमान 3-5 डिग्री बढ़ने की चेतावनी, दिल्ली-राजस्थान सबसे अधिक प्रभावित

सारांश

IMD ने उत्तर भारत के लिए खतरे की घंटी बजाई है — दिल्ली में पारा पहले ही 40 डिग्री पार कर चुका है और 21 मई तक 3-5 डिग्री की और वृद्धि तय मानी जा रही है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश तक पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इस सप्ताह भीषण लू की चपेट में रहेगा।

मुख्य बातें

IMD ने 17 मई 2026 को उत्तर भारत में भीषण लू की चेतावनी जारी की।
21 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि संभव।
दिल्ली के सफदरजंग में शनिवार को 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज, सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक।
राजस्थान में 17-23 मई , पंजाब-हरियाणा-दिल्ली में 18-23 मई तक लू की स्थिति।
मध्य प्रदेश, विदर्भ में 17-18 मई को ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं का भी अनुमान।
पूर्वोत्तर राज्यों — असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश — में 18 मई को भारी बारिश की संभावना।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 मई 2026 को चेतावनी जारी की कि नई दिल्ली सहित उत्तर भारत के विस्तृत मैदानी क्षेत्रों में अगले सप्ताह भीषण लू की स्थिति बनेगी और अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की आशंका है। विभाग के अनुसार 21 मई तक यह उछाल चरम पर हो सकता है, जिसके बाद 22-23 मई के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आएगा।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र — जो दिल्ली के समग्र मौसम का प्रतिनिधित्व करता है — में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। दिल्ली-एनसीआर में पारा पहले ही सामान्य से ऊपर जा चुका है और आने वाले दिनों में और तेज़ी आने की संभावना है।

IMD के अनुसार राजस्थान में 17 से 23 मई तक लगातार लू चलने की आशंका है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई हिस्सों में 18 से 23 मई के बीच तापमान में तेज़ उछाल दर्ज होने की संभावना है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 17 से 21 मई तक लू की स्थिति बनी रहेगी।

राज्यवार स्थिति

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले सप्ताह मध्यम से भीषण लू का अनुमान है। दक्षिण में तेलंगाना भी इस ताप-लहर की चपेट में आएगा। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों — राजस्थान, पंजाब, हरियाणा — में पूरे सप्ताह तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने का पूर्वानुमान है।

गौरतलब है कि मई के दूसरे-तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन इस बार 3-5 डिग्री की एक साथ वृद्धि इसे औसत से अधिक तीव्र बनाती है।

कुछ राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का भी अनुमान

विभाग ने 17 और 18 मई को मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ओलावृष्टि के साथ मध्यम बारिश का पूर्वानुमान भी लगाया है।

पूर्वोत्तर के राज्यों — असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा — में 18 मई को बिजली और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में इसी अवधि में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब स्कूल परीक्षाएँ और कृषि कटाई का मौसम चल रहा है। विशेषज्ञ बुज़ुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर के अंदर रहने की सलाह देते हैं। IMD ने नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के कपड़े पहनने की हिदायत दी है।

आगे का पूर्वानुमान

विभाग के अनुसार 22-23 मई के बाद स्थिति में कुछ स्थिरता आ सकती है, लेकिन राहत का कोई स्पष्ट संकेत अभी नहीं है। मानसून की दस्तक से पहले जून के पहले सप्ताह तक उत्तर भारत में तापमान ऊँचा बना रहने की सामान्य प्रवृत्ति रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक सप्ताह में 3-5 डिग्री की एकमुश्त वृद्धि सामान्य मई से अधिक तीव्र है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूकती है, वह यह है कि लू की ये चेतावनियाँ कागज़ पर रहती हैं — ज़मीन पर बाहर काम करने वाले मज़दूरों, किसानों और निर्माण श्रमिकों तक राज्य सरकारों की कूलिंग सेंटर व्यवस्था कितनी पहुँचती है, यह सवाल अनुत्तरित है। पिछले वर्षों में लू से होने वाली मौतों के आँकड़े अक्सर कम दर्ज होते हैं क्योंकि 'हीट स्ट्रोक' को मृत्यु का प्राथमिक कारण कम ही माना जाता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर भारत में लू कब तक रहेगी?
IMD के अनुसार राजस्थान में 17 से 23 मई, पंजाब-हरियाणा-दिल्ली में 18 से 23 मई और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में 17 से 21 मई तक लू की स्थिति बनी रहेगी। 22-23 मई के बाद तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
दिल्ली में अभी तापमान कितना है और आगे क्या होगा?
शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। IMD के अनुसार 21 मई तक इसमें 3-5 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है।
लू से बचने के लिए क्या करें?
मौसम विशेषज्ञ दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने, खूब पानी पीने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की सलाह देते हैं। बुज़ुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों को विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
क्या पूरे भारत में गर्मी का यही हाल है?
नहीं, पूर्वोत्तर भारत — असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा — में 18 मई को बिजली-गरज के साथ बारिश का अनुमान है। मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में 17-18 मई को ओलावृष्टि और तेज़ हवाएँ भी चल सकती हैं।
तापमान में 3-5 डिग्री की वृद्धि कितनी गंभीर है?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार यह वृद्धि एक सप्ताह के भीतर होगी, जो सामान्य मई की तुलना में अधिक तीव्र है। इससे लू की तीव्रता 'सामान्य' से 'भीषण' श्रेणी में पहुँच सकती है, जो स्वास्थ्य के लिहाज़ से अधिक जोखिम भरी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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