दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश से तापमान में गिरावट, IMD ने 30 अप्रैल को ही दी थी चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली/नोएडा में 30 अप्रैल 2026 को दिन भर की भीषण गर्मी और तेज धूप के बाद दिल्ली-एनसीआर के मौसम ने शाम होते-होते अचानक करवट ली। दोपहर बाद धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस बदलाव का पूर्वानुमान पहले ही जारी कर दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था। आर्द्रता का स्तर 30 से 48 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई थी। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि दोपहर और शाम के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।
यह पूर्वानुमान पूरी तरह सटीक साबित हुआ — शाम होते-होते एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी देखी गई।
आम जनता पर असर
पिछले कुछ दिनों से एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। गुरुवार की आंधी-बारिश ने इस दौर में पहली बड़ी राहत दी।
गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में अप्रैल के अंत में ही तापमान सामान्य से कहीं अधिक दर्ज हो रहा था, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर दबाव बन रहा था।
1 मई का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, 1 मई को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, हालाँकि किसी प्रकार की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
आगे का मौसम
मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिसमें बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और तेज हवाएं शामिल रहेंगी। इससे तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय संवहनीय गतिविधि का संयुक्त असर है, जो मई की शुरुआत में एनसीआर को कुछ राहत दे सकता है।