ईशान खट्टर को भारतीय सेना की 45 कैवेलरी की मानद सदस्यता, बोले- 'यह मेरी रेजिमेंट है'

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ईशान खट्टर को भारतीय सेना की 45 कैवेलरी की मानद सदस्यता, बोले- 'यह मेरी रेजिमेंट है'

सारांश

ईशान खट्टर को भारतीय सेना की 45 कैवेलरी रेजिमेंट की मानद सदस्यता मिली — एक दुर्लभ सम्मान जो 'पिप्पा' में सैनिक की भूमिका निभाने वाले इस अभिनेता को मिला। खट्टर ने इसे 'जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान' बताया।

मुख्य बातें

ईशान खट्टर को भारतीय सेना की 45 कैवेलरी रेजिमेंट की मानद सदस्यता प्रदान की गई।
यह सम्मान 17 मई को दिया गया; खट्टर ने तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किए।
खट्टर ने इसे 'जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान' बताया और कहा — 'अब यह मेरी रेजिमेंट है।' उन्होंने इस सम्मान को फिल्म 'पिप्पा' में निभाई सैनिक की भूमिका से जोड़ा।
45 कैवेलरी भारत की प्रतिष्ठित आर्मर्ड रेजिमेंट्स में से एक है; मानद सदस्यता अत्यंत दुर्लभ है।

बॉलीवुड अभिनेता ईशान खट्टर को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 45 कैवेलरी रेजिमेंट की मानद सदस्यता प्रदान की गई है — एक दुर्लभ सम्मान जो आमतौर पर उन्हीं हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने देश, समाज या सेना की प्रतिष्ठा बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। 17 मई को इस अवसर की तस्वीरें और वीडियो खट्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किए, जिसके बाद प्रशंसकों और फिल्म जगत की बधाइयों का तांता लग गया।

सम्मान समारोह का दृश्य

खट्टर द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वे भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ नज़र आ रहे हैं — कुछ में मुस्कुराते हुए सम्मान ग्रहण करते हुए, तो एक वीडियो में जवानों के साथ उत्साहपूर्वक डांस करते दिखे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।

ईशान खट्टर ने क्या कहा

इस अवसर पर खट्टर ने अपने इंस्टाग्राम कैप्शन में लिखा, 'इंडियन आर्मर्ड कॉर्प्स की 45 कैवेलरी की ऑनरेरी मेंबरशिप मिलना जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है। अब मैं इसे गर्व से अपनी रेजिमेंट कह सकता हूं। भारतीय सेना के बहादुर जवानों के साथ जुड़ना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मेरा जीवन हमेशा सेना की दुनिया से काफी अलग रहा है। कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे भारतीय सेना से ऐसा सम्मान मिलेगा। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास है।'

'पिप्पा' से जुड़ा कनेक्शन

खट्टर ने इस सम्मान को अपनी फिल्म 'पिप्पा' से भी जोड़ा, जिसमें उन्होंने एक सैनिक की भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, 'उस भूमिका को पूरी सच्चाई और ईमानदारी से पर्दे पर उतारने की कोशिश की थी। एक कलाकार के तौर पर मैंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की और शायद उसी मेहनत की वजह से मुझे यह खास सम्मान मिला है।' गौरतलब है कि 'पिप्पा' 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी थी और इसमें खट्टर ने ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता के किरदार को जीवंत किया था।

45 कैवेलरी रेजिमेंट: एक परिचय

भारतीय सेना की 45 कैवेलरी रेजिमेंट देश की प्रतिष्ठित आर्मर्ड रेजिमेंट्स में से एक है, जो अपनी बहादुरी, अनुशासन और युद्ध कौशल के लिए जानी जाती है। मानद सदस्यता एक विशिष्ट परंपरा है जो उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है जिन्होंने राष्ट्र या सेना की छवि को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया हो — इसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, प्रसिद्ध हस्तियाँ और समाज के सम्मानित व्यक्ति शामिल होते हैं।

आगे की राह

खट्टर ने इस सम्मान को जीवन भर की प्रेरणा बताते हुए कहा, 'सेना के अधिकारियों के साथ बिताई गई शाम मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगी। जय हिंद।' यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह दर्शाता है कि फिल्म जगत और सशस्त्र बलों के बीच सांस्कृतिक सेतु किस तरह मज़बूत हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मानद सदस्यता उस योगदान की स्वीकृति है। हालाँकि, यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसे सम्मान केवल उन्हीं कलाकारों तक सीमित रहें जिनकी फिल्में सेना की अनुमोदित कथा के अनुरूप हों — या इसका दायरा व्यापक होना चाहिए।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईशान खट्टर को भारतीय सेना से कौन-सा सम्मान मिला?
ईशान खट्टर को भारतीय सेना की 45 कैवेलरी रेजिमेंट की मानद सदस्यता प्रदान की गई, जो एक अत्यंत दुर्लभ और प्रतिष्ठित सम्मान है। यह सदस्यता आमतौर पर उन्हीं लोगों को दी जाती है जिन्होंने देश या सेना की प्रतिष्ठा बढ़ाने में विशेष योगदान दिया हो।
45 कैवेलरी रेजिमेंट क्या है?
45 कैवेलरी रेजिमेंट भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड रेजिमेंट्स में से एक है, जो अपनी बहादुरी, अनुशासन और युद्ध कौशल के लिए जानी जाती है। यह इंडियन आर्मर्ड कॉर्प्स का हिस्सा है।
ईशान खट्टर को यह सम्मान क्यों दिया गया?
खट्टर ने फिल्म 'पिप्पा' में एक सैनिक का किरदार निभाया था, जिसे उन्होंने सच्चाई और ईमानदारी से पेश किया। कथित तौर पर इसी भूमिका और उनके राष्ट्रीय सम्मान के प्रति समर्पण को इस मानद सदस्यता का आधार माना जा रहा है।
ईशान खट्टर ने इस सम्मान पर क्या कहा?
खट्टर ने इसे 'जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान' बताया और कहा कि अब वे गर्व से 45 कैवेलरी को अपनी रेजिमेंट कह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुभव उन्हें जीवन भर प्रेरणा देता रहेगा।
क्या बॉलीवुड के अन्य कलाकारों को भी भारतीय सेना की मानद सदस्यता मिली है?
मानद सदस्यता एक दुर्लभ परंपरा है जो सेना की विभिन्न रेजिमेंट्स द्वारा चुनिंदा हस्तियों को दी जाती है। इसमें प्रसिद्ध कलाकार, खिलाड़ी और समाजसेवी शामिल हो सकते हैं, हालाँकि ऐसे सम्मान बहुत कम अवसरों पर ही दिए जाते हैं।
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