माउंट डुकोनो ज्वालामुखी विस्फोट: 5,000 मीटर तक उठा राख का गुबार, चार किमी दायरे में प्रतिबंध

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माउंट डुकोनो ज्वालामुखी विस्फोट: 5,000 मीटर तक उठा राख का गुबार, चार किमी दायरे में प्रतिबंध

सारांश

माउंट डुकोनो एक बार फिर सक्रिय हो गया है — 5,000 मीटर तक राख, तीन मौतें और बंद ट्रेकिंग रूट के बावजूद पर्यटकों की लापरवाही। इंडोनेशिया का यह ज्वालामुखी 2025 में दूसरी बार फटा है और अधिकारी अब कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं।

मुख्य बातें

माउंट डुकोनो ज्वालामुखी 17 मई को फटा, चोटी से 5,000 मीटर ऊपर तक राख का गुबार उठा।
ज्वालामुखी को दूसरे सबसे उच्च अलर्ट स्तर पर रखा गया है; क्रेटर के 4 किलोमीटर दायरे में गतिविधि पर प्रतिबंध।
इस महीने की शुरुआत में 3 लोगों की मौत हुई थी; 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया — जिनमें 7 सिंगापुर और 8 इंडोनेशिया के नागरिक।
ट्रेकिंग रूट 17 अप्रैल से बंद था, फिर भी लोग चढ़ाई करने गए — बीएनपीबी ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
फरवरी 2025 में भी विस्फोट हुआ था, तब VONA ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ था और 2,000 मीटर राख उठी थी।

इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकू प्रांत में स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी रविवार, 17 मई को एक बार फिर फट गया, जिसके बाद ज्वालामुखी की चोटी से 5,000 मीटर की ऊँचाई तक राख का घना गुबार उठा। देश के सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजर्ड मिटिगेशन ने इस विस्फोट की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल ज्वालामुखी को दूसरे सबसे उच्च अलर्ट स्तर पर रखा गया है।

मुख्य घटनाक्रम

1,087 मीटर ऊँचे इस ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद अधिकारियों ने आम नागरिकों और पर्यटकों को क्रेटर के चार किलोमीटर के दायरे में किसी भी गतिविधि से दूर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही, राख से होने वाली श्वास संबंधी परेशानियों से बचाव के लिए मास्क पहनने की सलाह जारी की गई है।

गौरतलब है कि माउंट डुकोनो का ट्रेकिंग रूट 17 अप्रैल से पूरी तरह बंद था। इसके बावजूद इस महीने की शुरुआत में कुछ लोग वहाँ चढ़ाई करने गए, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोगों की मौत हो गई। बाद में 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें सात सिंगापुर और आठ इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे।

बचाव कार्य में आई बाधाएँ

ज्वालामुखीय सामग्री की भारी मात्रा के कारण बचाव दल को शवों तक पहुँचने में काफी देरी हुई। ज्वालामुखी की सक्रिय गतिविधि और मलबे के नीचे दबे शवों को निकालना बचावकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। अंततः शवों को टोबेलो रीजनल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ पहचान और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

सरकार की प्रतिक्रिया

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि प्रतिबंध लागू रहने के बावजूद लोगों ने ट्रेकिंग की। बीएनपीबी के आपदा डेटा, सूचना और संचार केंद्र के प्रमुख अब्दुल मुहारी ने कहा, 'हम ट्रेकिंग ऑपरेटरों और लोगों से अपील करते हैं कि वे इसकी जानकारी को आगे फैलाएँ। नियम तोड़ने पर सुरक्षा के लिए कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।'

पहले भी हो चुका है विस्फोट

यह ऐसे समय में आया है जब माउंट डुकोनो इस साल फरवरी में भी फट चुका है। उस विस्फोट में ज्वालामुखी ने लगभग 2,000 मीटर ऊँचा राख का गुबार छोड़ा था और सफेद से लेकर ग्रे रंग के घने बादल क्रेटर के दक्षिण दिशा में फैल गए थे। तब विमानन सुरक्षा के लिए वोल्केनो ऑब्जर्वेटरी नोटिस फॉर एविएशन (VONA) का ऑरेंज लेवल अलर्ट जारी किया गया था — जो दूसरा सबसे उच्च स्तर है — और पाँच किलोमीटर के दायरे में नीचे उड़ान भरने पर रोक लगाई गई थी।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, ज्वालामुखी की गतिविधि पर निगरानी जारी है और अलर्ट स्तर की समीक्षा स्थिति के अनुसार की जाएगी। राख के बादल विमानों की उड़ान को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए एयरक्राफ्ट को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक विफलता का भी संकेत है — ट्रेकिंग रूट महीनों से बंद था, फिर भी पर्यटक वहाँ पहुँचे और तीन जानें गईं। इंडोनेशिया में 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित 130 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं, और हर बार चेतावनियाँ जारी होती हैं, लेकिन ज़मीनी प्रवर्तन कमज़ोर रहता है। सवाल यह है कि क्या केवल अपील और कानूनी चेतावनी पर्याप्त हैं, या ज्वालामुखी क्षेत्रों में भौतिक अवरोध और कड़ी निगरानी की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माउंट डुकोनो ज्वालामुखी कहाँ स्थित है और यह कितना खतरनाक है?
माउंट डुकोनो इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकू प्रांत में स्थित 1,087 मीटर ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी है। यह इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है और फिलहाल दूसरे सबसे उच्च अलर्ट स्तर पर है।
17 मई के विस्फोट में कितनी राख निकली और क्या कोई हताहत हुआ?
17 मई के विस्फोट में चोटी से 5,000 मीटर ऊपर तक राख का गुबार उठा। इस विशेष विस्फोट में हताहत की तत्काल सूचना नहीं है, लेकिन इस महीने की शुरुआत में हुई घटना में 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
माउंट डुकोनो के पास जाने पर क्या प्रतिबंध हैं?
अधिकारियों ने क्रेटर के 4 किलोमीटर के दायरे में किसी भी गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया है। ट्रेकिंग रूट 17 अप्रैल से बंद है और नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस साल पहले माउंट डुकोनो कब फटा था और क्या हुआ था?
माउंट डुकोनो फरवरी 2025 में भी फटा था, जिसमें 2,000 मीटर ऊँचा राख का गुबार उठा था। तब विमानन के लिए VONA ऑरेंज लेवल अलर्ट जारी किया गया था और 5 किलोमीटर के दायरे में उड़ान पर रोक लगाई गई थी।
इस महीने की शुरुआत में माउंट डुकोनो पर हुई मौतों का क्या विवरण है?
ट्रेकिंग रूट बंद होने के बावजूद कुछ लोग माउंट डुकोनो पर चढ़ाई करने गए, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया — जिनमें 7 सिंगापुर और 8 इंडोनेशिया के नागरिक थे। शवों को टोबेलो रीजनल हॉस्पिटल ले जाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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