दिल्ली: खुद को गोली मरवाकर मकान मालिक को फंसाने की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली: खुद को गोली मरवाकर मकान मालिक को फंसाने की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के चांदनी चौक में जो गोलीबारी का मामला लगा, वह असल में किराएदार की अपनी रची साजिश निकली — मकान मालिक को फंसाने और बड़ी रकम वसूलने के लिए। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा।

मुख्य बातें

10 मई 2026 की रात चांदनी चौक के कूचा बुलाकी बेगम में कथित गोलीबारी की शिकायत दर्ज हुई थी।
जांच में खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ता अविनाश कुमार ने खुद मकान मालिक को फंसाने के लिए यह साजिश रची।
पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी निगरानी से आरोपियों की पहचान की।
15 मई 2026 को लोकेश दहिया और दीपक कुमार को सोनीपत के कुंडली से गिरफ्तार किया गया।
मुख्य आरोपी अविनाश कुमार के घर से देसी पिस्तौल , 2 मैगजीन , 14 कारतूस और 5 मोबाइल बरामद।
साजिश का मकसद मकान मालिक पर दबाव डालकर बड़ी रकम वसूलना था।

दिल्ली पुलिस ने 17 मई 2026 को चांदनी चौक के कूचा बुलाकी बेगम इलाके में हुई एक कथित गोलीबारी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा किया है — जिसे पीड़ित ने हमला बताया था, वह दरअसल मकान मालिक को फंसाने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश थी। कोतवाली थाना और एएटीएस उत्तरी जिला की संयुक्त टीम ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

घटना का ब्यौरा

10 मई 2026 की रात करीब साढ़े दस बजे, शिकायतकर्ता अविनाश कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि चांदनी चौक स्थित साइकिल मार्केट के पास उसके किराए के मकान में एक अज्ञात व्यक्ति घुस आया और पिस्तौल दिखाकर धमकी देने के बाद दो से तीन राउंड फायरिंग की। इस फायरिंग में एक गोली अविनाश की दाईं जांघ को छूकर निकल गई। घायल अवस्था में उसे उसके बेटे ने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया।

मौके पर पहुंची क्राइम टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे और दो कारतूस बरामद किए। इसके आधार पर कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में कैसे सुलझी पहेली

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध मकान से निकलकर ऑटो में बैठकर फरार होता दिखा। पुलिस ने उस ऑटो के रूट को आईएसबीटी कश्मीरी गेट तक ट्रेस किया और आगे सुनहरी मस्जिद इलाके में स्थानीय सूत्रों की मदद से संदिग्ध की पहचान के सुराग मिले।

ऑटो चालक से पूछताछ में पता चला कि उसने संदिग्ध को मॉनेस्ट्री मार्केट से बैठाया था। तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया विश्लेषण के आधार पर पुलिस एक सफेद स्कॉर्पियो कार तक पहुंची, जो हरियाणा के सोनीपत निवासी दीपक कुमार के नाम पर पंजीकृत थी। इसी कड़ी में एक अन्य आरोपी लोकेश दहिया की भी पहचान हुई।

गिरफ्तारी और बरामदगी

15 मई 2026 की सुबह पुलिस ने सोनीपत के कुंडली इलाके से लोकेश दहिया को गिरफ्तार किया। उसी दिन कुछ घंटों बाद दीपक कुमार को भी हिरासत में लिया गया। दोनों की निशानदेही पर स्कॉर्पियो कार और घटना में इस्तेमाल हथियार से जुड़े सुराग मिले।

इसके बाद पुलिस ने मुख्य शिकायतकर्ता अविनाश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन, 14 कारतूस और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए।

साजिश का असली मकसद

पूछताछ में खुलासा हुआ कि अविनाश कुमार और उसके मकान मालिक के बीच मकान खाली कराने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। तनाव बढ़ने पर अविनाश ने खुद को गोली मरवाकर एक झूठा मामला बनाने की योजना तैयार की, ताकि मकान मालिक पर दबाव डालकर बड़ी रकम वसूली जा सके। उसके साथियों ने इस योजना को अंजाम देने में मदद की।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में किराएदार-मकान मालिक विवादों से जुड़े मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला झूठी एफआईआर और साजिश के संयोजन का एक दुर्लभ उदाहरण है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में और भी कड़ियां जुड़ सकती हैं और आगे की पूछताछ जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑटो रूट ट्रेसिंग, सोशल मीडिया विश्लेषण — सराहनीय है, पर असली सवाल यह है कि क्या इस तरह की साजिशों को रोकने के लिए किराया विवाद निपटान तंत्र को मज़बूत किया जाएगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के चांदनी चौक गोलीबारी मामले में क्या हुआ था?
10 मई 2026 की रात चांदनी चौक के कूचा बुलाकी बेगम इलाके में किराएदार अविनाश कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि उसके घर में घुसे एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया। जांच में यह मामला एक सुनियोजित साजिश निकला।
इस साजिश का मकसद क्या था?
अविनाश कुमार का मकान मालिक से मकान खाली कराने को लेकर विवाद चल रहा था। उसने खुद को गोली मरवाकर मकान मालिक को झूठे मामले में फंसाने और उससे बड़ी रकम वसूलने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, ऑटो रूट ट्रेसिंग, तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया विश्लेषण के ज़रिए आरोपियों की पहचान की। ऑटो चालक की पूछताछ से सफेद स्कॉर्पियो कार का सुराग मिला, जिससे दीपक कुमार और लोकेश दहिया तक पहुंचा गया।
इस मामले में कितने और कौन-से आरोपी गिरफ्तार हुए?
कुल तीन आरोपी गिरफ्तार हुए — मुख्य शिकायतकर्ता अविनाश कुमार, सोनीपत के लोकेश दहिया और दीपक कुमार। लोकेश और दीपक को 15 मई 2026 को सोनीपत के कुंडली से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद क्या बरामद हुआ?
अविनाश कुमार के घर से एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन, 14 कारतूस और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल सफेद स्कॉर्पियो कार से भी जुड़े सुराग मिले।
राष्ट्र प्रेस
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