स्वीडन में PM मोदी का बंगाली संस्कृति से भव्य स्वागत, 'भालो आछे' सुन भावुक हुआ भारतीय समुदाय
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 17 मई को स्वीडन के गुटेनबर्ग पहुँचे, जहाँ प्रवासी भारतीय समुदाय ने उनका बंगाली संस्कृति की झलक के साथ उत्साहपूर्ण स्वागत किया। स्वागत समारोह में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भी उपस्थित रहे, और जब मोदी ने उपस्थित भारतीयों से बंगाली में 'भालो आछे?' पूछा, तो वातावरण भावुकता से भर उठा।
स्वागत समारोह का माहौल
गुटेनबर्ग में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बंगाली नृत्य, संगीत और परंपरागत प्रस्तुतियों के ज़रिये प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। एक महिला प्रतिभागी ने बताया कि मोदी ने उनकी प्रस्तुति बड़े ध्यान से देखी और फिर बंगाली में पूछा, 'भालो आछे?' — यानी 'क्या आप ठीक हैं?' — जिसे सुनकर सभी की प्रसन्नता दोगुनी हो गई।
भारतीय समुदाय की प्रतिक्रिया
समारोह में शामिल एक अन्य महिला ने कहा कि विदेशी धरती पर अपने प्रधानमंत्री से मिलना उनके लिए सपने से भी परे था — उनकी आँखों में आँसू आ गए और प्रधानमंत्री से हाथ मिलाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं लगा। एक अन्य ने कहा कि मोदी को सामने से देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
छात्रों के लिए नई उम्मीद
स्वीडन में पढ़ाई कर रहे एक भारतीय छात्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा उन जैसे छात्रों के लिए ढेरों नए अवसरों के द्वार खोलती है, जो विदेश में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि इस दौरे से भारत और स्वीडन के द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
मोदी का एक्स पर संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बंगाली संस्कृति पूरी दुनिया में लोकप्रिय है और स्वीडन भी इसका अपवाद नहीं है। भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित स्वागत समारोह के दौरान — जिसमें प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भी मौजूद थे — गौरवशाली बंगाली संस्कृति की झलक देखने को मिली।' यह यात्रा भारत-स्वीडन कूटनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से की जा रही है।