स्वीडन में गूंजा 'वैष्णव जन तो', मोदी बोले — बापू के विचार बेहतर दुनिया की राह दिखाते हैं

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स्वीडन में गूंजा 'वैष्णव जन तो', मोदी बोले — बापू के विचार बेहतर दुनिया की राह दिखाते हैं

सारांश

स्वीडन की धरती पर 'वैष्णव जन तो' की गूंज — और PM मोदी का संदेश कि बापू के विचार सीमाओं से परे हैं। गुटेनबर्ग में भारतीय समुदाय के उत्साह के बीच मोदी और स्वीडिश PM क्रिस्टर्सन ने तकनीक, सस्टेनेबिलिटी और व्यापार पर नई साझेदारी की नींव रखी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 17 मई 2026 को गुटेनबर्ग, स्वीडन पहुँचे; स्वीडिश PM उल्फ क्रिस्टर्सन ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया।
स्वीडिश ओपेरा गायिका शार्लोटा हुल्ड्ट ने स्वागत समारोह में 'वैष्णव जन तो' गाया; मोदी ने इसे बापू के विचारों की अनुगूंज बताया।
मोदी ने एक्स पर लिखा — भारतीय समुदाय का स्नेह 'दिल को छू लेने वाला' और भारत-स्वीडन संबंधों के लिए गर्व की बात।
स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने PM के विमान को स्वीडन की हवाई सीमा में एस्कॉर्ट किया।
दोनों नेता यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को संबोधित करेंगे; यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी।
भारत-स्वीडन साझेदारी का फोकस टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और R&D पर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 मई 2026 को गुटेनबर्ग, स्वीडन पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने उनका भावपूर्ण स्वागत किया। स्वागत समारोह में स्वीडिश ओपेरा गायिका शार्लोटा हुल्ड्ट ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो' की प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बापू के शाश्वत विचार आज भी स्वीडन में गूंज रहे हैं और हम सभी को एक बेहतर दुनिया बनाने की प्रेरणा देते हैं।

भारतीय समुदाय का उत्साहपूर्ण स्वागत

गुटेनबर्ग में बड़ी संख्या में जुटे भारतीय समुदाय के लोग भारत और स्वीडन के झंडे लहराते हुए 'मोदी मोदी' के नारे लगा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस स्नेह को 'बहुत ही दिल छू लेने वाला' बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'गुटेनबर्ग में भारतीय समुदाय का स्नेह और गर्मजोशी वास्तव में दिल को छू लेने वाली है। भारत के साथ उनका गहरा जुड़ाव और भारत-स्वीडन संबंधों को मजबूत करने में उनका योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है।'

गांधी के विचारों की अनुगूंज

स्वागत कार्यक्रम में शार्लोटा हुल्ड्ट की 'वैष्णव जन तो' की प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने एक्स पर लिखा, 'यह देखकर खुशी होती है कि बापू के विचार आज भी स्वीडन में गूंज रहे हैं। महात्मा गांधी के विचार हमें एक बेहतर दुनिया बनाने की प्रेरणा देते रहें।' गौरतलब है कि यह भजन महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन का प्रतीक माना जाता है और विदेशी धरती पर इसकी प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति का एक प्रभावशाली उदाहरण बनी।

स्वीडिश प्रधानमंत्री से मुलाकात और द्विपक्षीय एजेंडा

प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड की यात्रा पूरी करने के बाद स्वीडन पहुँचे, जहाँ गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। इस यात्रा से पहले स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के विमान को स्वीडन की हवाई सीमा में एस्कॉर्ट किया — जो राजनयिक सम्मान का एक उल्लेखनीय संकेत था। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और एक ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति भी देखी।

तकनीक और सस्टेनेबिलिटी पर साझेदारी

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्री भारत-स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और व्यापार बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। मोदी ने कहा कि 'स्वीडन भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, खासकर टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और रिसर्च एवं डेवलपमेंट के क्षेत्रों में।' दोनों नेता यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी।

आगे क्या

यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यूरोपीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति यह संकेत देती है कि इस दौरे का दायरा केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि भारत-यूरोप व्यापक साझेदारी तक फैला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कठोर व्यापार और तकनीकी वार्ताओं को एक भावनात्मक आधार देता है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ चीन के विकल्प के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। स्वीडिश ग्रिपेन विमानों द्वारा एस्कॉर्ट और वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति यह संकेत देती है कि यह दौरा द्विपक्षीय से आगे, भारत-EU व्यापक ढाँचे की दिशा में एक रणनीतिक कदम है — जिसकी असली कसौटी ठोस समझौतों में होगी, न केवल सद्भावना में।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की स्वीडन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
PM मोदी की स्वीडन यात्रा का उद्देश्य भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन तथा R&D में सहयोग के नए रास्ते तलाशना है। दोनों नेता यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।
गुटेनबर्ग में 'वैष्णव जन तो' किसने गाया और मोदी ने क्या कहा?
स्वीडिश ओपेरा गायिका शार्लोटा हुल्ड्ट ने गुटेनबर्ग के स्वागत समारोह में 'वैष्णव जन तो' गाया। PM मोदी ने इस पर कहा कि बापू के शाश्वत विचार स्वीडन में आज भी गूंज रहे हैं और महात्मा गांधी के विचार हम सभी को एक बेहतर दुनिया बनाने की प्रेरणा देते हैं।
भारत-स्वीडन संबंधों में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और रिसर्च एवं डेवलपमेंट में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही व्यापार को बढ़ाने के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श होगा।
यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री में कौन शामिल होंगे?
इस बैठक में PM मोदी, स्वीडिश PM उल्फ क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल होंगी। यह मंच भारत और यूरोपीय उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद का अवसर प्रदान करता है।
मोदी स्वीडन से पहले किस देश की यात्रा पर थे?
PM मोदी नीदरलैंड की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद स्वीडन पहुँचे। गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर उनके आगमन से पहले स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को स्वीडन की हवाई सीमा में एस्कॉर्ट किया।
राष्ट्र प्रेस
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