गौतम अदाणी का बिहार में ₹60,000 करोड़ के निवेश का ऐलान, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 18 मई 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पटना में उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की और राज्य में अगले तीन से चार वर्षों में ₹50,000 करोड़ से ₹60,000 करोड़ तक के निवेश की घोषणा की। इससे पहले अदाणी ने सारण जिले के मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में अदाणी आई केयर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और निवेश का वादा
आई केयर प्रोजेक्ट के उद्घाटन के बाद गौतम अदाणी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पहुँचे। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा कि अदाणी ने बिहार के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। गौतम अदाणी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई यह मुलाकात 'राज्य के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास को और मजबूत करती है।'
अदाणी ने स्पष्ट किया कि समूह बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय सहयोग देकर बिहार के विकास को नई दिशा देने का प्रयास करेगा। उन्होंने रोज़गार सृजन और सामाजिक सेवा पहलों के प्रति भी पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।
निवेश की प्राथमिकताएँ और लक्ष्य
एक स्थानीय कार्यक्रम में गौतम अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रुप का लक्ष्य अगले तीन से चार वर्षों में बिहार के बुनियादी ढाँचे को पूरी तरह बदलना है। उन्होंने कहा, 'बिहार की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के मेहनती लोग, उनकी सादगी और मजबूत इरादे हैं।' उनका प्रमुख उद्देश्य बिहार के लोगों को उनके ही राज्य में बेहतर रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराना है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के अंत में विधानसभा चुनाव की संभावना है और राज्य सरकार औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। गौरतलब है कि बिहार देश के सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाले राज्यों में से एक है, और बड़े औद्योगिक निवेश की यहाँ लंबे समय से प्रतीक्षा रही है।
अदाणी आई केयर प्रोजेक्ट: स्वास्थ्य सेवा में पहल
अदाणी आई केयर प्रोजेक्ट, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल और अदाणी फाउंडेशन की एक संयुक्त पहल है। इस परियोजना के तहत अदाणी सेंटर फॉर आई डिज़ीज़ और अदाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑफ्थैल्मिक साइंसेज़ संचालित होंगे। उद्घाटन के दौरान अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी भी उपस्थित रहीं।
यह केंद्र बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के साथ-साथ नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने में भी सहायक होगा।
आम जनता पर असर
यदि प्रस्तावित ₹60,000 करोड़ का निवेश वास्तव में साकार होता है, तो यह बिहार के बुनियादी ढाँचे — विशेष रूप से ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र — में उल्लेखनीय बदलाव ला सकता है। अदाणी के अनुसार, इस निवेश का केंद्रीय उद्देश्य स्थानीय रोज़गार सृजन है, जो राज्य से होने वाले प्रवासन को कम करने में सहायक हो सकता है।
आने वाले महीनों में निवेश के विस्तृत क्षेत्रवार विवरण और कार्यान्वयन की रूपरेखा सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस घोषणा की व्यावहारिक दिशा स्पष्ट होगी।