सीएएसए रग्बी सेवन्स 2026: भारतीय पुरुष टीम ने जीता सिल्वर, महाक बनीं 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष रग्बी सेवन्स टीम ने ताशकंद में आयोजित सीएएसए (मध्य एशिया और दक्षिण एशिया) रग्बी सेवन्स के पहले संस्करण में रजत पदक जीता, जबकि सीनियर महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन के बावजूद चौथा स्थान हासिल किया। 17 मई 2026 को समाप्त हुई इस प्रतियोगिता में भारत ने मध्य और दक्षिण एशिया के शीर्ष रग्बी राष्ट्रों के बीच अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई।
पुरुष टीम का सफर: चार जीत, एक फाइनल
भारतीय पुरुष टीम ने राउंड-रॉबिन चरण में लगातार चार मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। टीम ने मेजबान उज्बेकिस्तान को 24-12, किर्गिस्तान को 31-0, मंगोलिया को 26-14 और पाकिस्तान को 20-14 से हराया। राउंड-रॉबिन के अंतिम मैच में श्रीलंका ने भारत को 33-12 से मात दी, लेकिन टीम ने फाइनल में जगह बनाए रखी।
खिताबी मुकाबले में एक बार फिर श्रीलंका से सामना हुआ, जहाँ भारत 10-31 से हार गया और रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष टीम के लिए डेविड मुंडा और सुमित कुमार रॉय ने सर्वाधिक चार-चार ट्राई किए, जबकि देवेंद्र पादिर और हितेश डागर ने तीन-तीन ट्राई के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महिला टीम का जुझारू प्रदर्शन
सीनियर महिला टीम की शुरुआत कठिन रही — पहले दिन उज्बेकिस्तान से 7-22 और कजाकिस्तान से 7-19 की हार झेलनी पड़ी। लेकिन टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए किर्गिस्तान को 72-0 और मंगोलिया को 33-0 से रौंद दिया।
सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट की विजेता श्रीलंका को उसकी एकमात्र हार दी। महाक के आखिरी मिनट के निर्णायक ट्राई की बदौलत भारत ने 22-19 से यह रोमांचक मुकाबला जीता। तीसरे स्थान के प्लेऑफ में मेजबान उज्बेकिस्तान से 14-20 से हार के बाद टीम चौथे स्थान पर रही। कप्तान पार्वती हांसदा ने पूरे टूर्नामेंट में 12 कन्वर्जन का उल्लेखनीय योगदान दिया।
महाक को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का सम्मान
महाक को सीएएसए सेवन्स की महिला 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में भारत की ओर से नौ ट्राई किए — एक ऐसा प्रदर्शन जिसने विपक्षी टीमों को भी प्रभावित किया। गौरतलब है कि उन्हीं के आखिरी मिनट के ट्राई ने श्रीलंका को उसकी एकमात्र हार दिलाई।
प्रतियोगिता का महत्व
सीएएसए रग्बी सेवन्स मध्य और दक्षिण एशिया के देशों के लिए आयोजित एक नई अंतरराष्ट्रीय रग्बी प्रतियोगिता का पहला संस्करण था। इसमें पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में राउंड-रॉबिन और क्लासिफिकेशन फॉर्मेट अपनाया गया। यह प्रतियोगिता क्षेत्र में रग्बी के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस प्रदर्शन के साथ भारतीय रग्बी टीमें आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में और मज़बूत दावेदारी के साथ उतरने की तैयारी में हैं।