नीट रद्द होने के बाद अरविंद केजरीवाल की अपील: 'छात्र कोई चरम कदम न उठाएं, हम आपके साथ हैं'

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नीट रद्द होने के बाद अरविंद केजरीवाल की अपील: 'छात्र कोई चरम कदम न उठाएं, हम आपके साथ हैं'

सारांश

नीट परीक्षा रद्द होने के बाद चार राज्यों में छात्र आत्महत्याओं की खबरों के बीच केजरीवाल ने वीडियो संदेश जारी कर उम्मीदवारों से चरम कदम न उठाने की अपील की। उन्होंने अपने IIT और UPSC के अनुभव का हवाला देते हुए कहा — 'हम आपके साथ हैं, मिलकर समाधान ढूंढेंगे।'

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 17 मई को नीट उम्मीदवारों से चरम कदम न उठाने की भावुक अपील की।
कथित तौर पर 4 छात्रों की आत्महत्या की खबरें — गोवा , राजस्थान के सीकर , दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से सामने आईं।
केजरीवाल ने एक्स पर वीडियो संदेश और पोस्ट के ज़रिए छात्रों को अपनी भावनाएं साझा करने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने IIT और UPSC परीक्षाओं के अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए छात्रों के तनाव को समझने की बात कही।
केजरीवाल ने नीट मुद्दे के सामूहिक समाधान का आह्वान किया और कहा कि 'हमें मिलकर समाधान ढूंढना होगा।'

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 17 मई को नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के उम्मीदवारों से भावुक अपील की कि वे परीक्षा रद्द होने के बाद किसी भी चरम कदम से बचें। केजरीवाल ने कहा कि चार छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आई हैं — गोवा, राजस्थान के सीकर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से — जो इस संकट की गहराई को उजागर करती हैं।

केजरीवाल की छात्रों से सीधी अपील

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर साझा किए एक वीडियो संदेश में कहा, 'अभी हर तरफ से खबरें आ रही हैं। हमें छात्रों से बहुत सारे संदेश और फोन कॉल मिल रहे हैं, जिनमें वे कह रहे हैं कि नीट परीक्षा रद्द होने के कारण कई बच्चे अवसाद में हैं।' उन्होंने सभी छात्रों से निवेदन करते हुए कहा, 'कृपया ऐसे चरम कदम न उठाएं। मैं आपकी चिंता समझता हूं।'

इसके साथ ही उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए छात्रों को आमंत्रित किया कि वे अपनी भावनाएं और सुझाव कमेंट या डायरेक्ट मैसेज के माध्यम से साझा करें।

केजरीवाल ने साझा किया अपना अनुभव

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने IIT और UPSC परीक्षाओं में बैठने के अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए छात्रों से जुड़ाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मैंने भी आईआईटी और यूपीएससी परीक्षाएं दी हैं। मैं जानता हूं कि परीक्षा की तैयारी, परीक्षा देने और परीक्षा के बाद घर लौटने पर हम किस तरह के तनाव से गुजरते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर उनके समय में परीक्षा रद्द हुई होती, तो उनकी स्थिति क्या होती — यह सोचकर ही वे समझ सकते हैं कि आज के छात्र किस मानसिक दबाव में हैं।

नीट विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद उठा है, जिसके बाद परीक्षा रद्द किए जाने की स्थिति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद मेडिकल प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे थे। परीक्षा रद्द होने से उत्पन्न अनिश्चितता ने अनेक उम्मीदवारों को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है।

सामूहिक समाधान का आह्वान

केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि आत्महत्या और चरम कदम किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 'हमें मिलकर समाधान ढूंढना होगा' और नीट से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब छात्र संगठन और विपक्षी दल सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।

आगे की राह में नीट से जुड़े नीतिगत निर्णय और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना दोनों ही प्राथमिकताएं बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन मामलों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। असली सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल इस संकट को केवल बयानबाज़ी तक सीमित रखेंगे, या छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस नीतिगत प्रस्ताव भी सामने आएंगे।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद केजरीवाल ने नीट उम्मीदवारों से क्या अपील की?
केजरीवाल ने 17 मई को नीट उम्मीदवारों से अपील की कि वे परीक्षा रद्द होने के बाद किसी भी चरम कदम से बचें और अपनी भावनाएं उनके साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि 'हम आपके साथ हैं' और सामूहिक समाधान की बात की।
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद कितने छात्रों की आत्महत्या की खबरें आईं?
केजरीवाल के अनुसार कथित तौर पर चार छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आईं — गोवा, राजस्थान के सीकर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से। इन मामलों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जारी है।
केजरीवाल ने नीट छात्रों से कहाँ और कैसे संपर्क किया?
केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश और पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने छात्रों को कमेंट या डायरेक्ट मैसेज के ज़रिए अपनी भावनाएं और सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया।
केजरीवाल ने छात्रों के तनाव को समझने के लिए क्या कहा?
उन्होंने IIT और UPSC परीक्षाओं में बैठने के अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला दिया और कहा कि वे परीक्षा के दौरान और बाद में होने वाले तनाव को भली-भाँति समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके समय में परीक्षा रद्द हुई होती, तो वे भी ऐसी ही मुश्किल स्थिति में होते।
नीट विवाद में छात्रों के लिए आगे क्या उम्मीद है?
केजरीवाल ने नीट मुद्दे के सामूहिक समाधान का आह्वान किया है। फिलहाल छात्र संगठन और विपक्षी दल परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की माँग कर रहे हैं, लेकिन नीतिगत निर्णय अभी प्रतीक्षित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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