नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: शरद पवार बोले — 'पूरी परीक्षा व्यवस्था ध्वस्त', सीबीआई ने 7 गिरफ्तार किए

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: शरद पवार बोले — 'पूरी परीक्षा व्यवस्था ध्वस्त', सीबीआई ने 7 गिरफ्तार किए

सारांश

नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक होना और परीक्षा रद्द होना सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं — यह उस व्यापक संकट की एक और कड़ी है जो 2024 से चली आ रही है। शरद पवार का तीखा बयान और सीबीआई की सात गिरफ्तारियाँ बताती हैं कि यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गर्म है।

मुख्य बातें

शरद पवार ने 14 मई 2026 को कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक से पूरी परीक्षा व्यवस्था की विफलता उजागर हुई है।
NTA ने कथित अनियमितताओं के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी।
सीबीआई ने देशभर के 14 स्थानों पर छापे मारकर अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार किए।
नए गिरफ्तार आरोपी धनंजय लोखंडा (अहिल्यानगर) और मनीषा वाघमारे (पुणे) हैं।
पहले गिरफ्तार 5 आरोपी 7 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजे गए।
पवार के अनुसार महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा सहित कई राज्यों में अनियमितताएँ सामने आई हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार, 14 मई 2026 को कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटना यह उजागर करती है कि देश की पूरी परीक्षा प्रणाली बुरी तरह चरमरा चुकी है। उनका यह बयान उस दिन आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात तक पहुँचा दी।

पवार का आरोप: सरकार ने नहीं उठाए एहतियाती कदम

मीडिया को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि हाल के वर्षों में पेपर लीक के कई मामले सामने आने के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई ठोस एहतियाती उपाय नहीं किए। उन्होंने रेखांकित किया कि महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में इस राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताओं के मामले उजागर हुए हैं।

पवार ने कहा, 'इससे पता चलता है कि पूरी व्यवस्था कितनी बुरी तरह बिगड़ चुकी है, और अंततः इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि देशभर से लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं और उनका भविष्य इस पर निर्भर करता है।

छात्रों की अनिश्चितता सबसे बड़ी चिंता

पवार ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि छात्रों को सबसे ज़्यादा परेशान करने वाला पहलू अनिश्चितता है — उन्हें अभी तक नहीं पता कि रद्द की गई परीक्षा दोबारा कब आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को लेकर छात्रों और उनके परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 में भी नीट विवाद ने देशव्यापी बहस छेड़ी थी और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था।

सीबीआई की कार्रवाई: 14 स्थानों पर छापे, 7 गिरफ्तार

सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 14 स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडा और पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है।

इससे पहले गिरफ्तार किए गए पाँच आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए सात दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

आगे क्या होगा

सीबीआई की जांच अभी जारी है और आरोपियों के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नज़रें अब NTA की उस घोषणा पर टिकी हैं जिसमें पुनः परीक्षा की तारीख स्पष्ट की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के बिना इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा था, और तब भी NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे — फिर भी दो साल में कोई ठोस संरचनात्मक सुधार नहीं हुआ। शरद पवार का बयान राजनीतिक आरोप से अधिक है; यह उस व्यापक विफलता की ओर इशारा करता है जिसमें परीक्षा सुरक्षा तंत्र बार-बार चूकता रहा है। असली सवाल यह है कि क्या सीबीआई की गिरफ्तारियाँ केवल निचले स्तर के दलालों तक सीमित रहेंगी, या जांच उस नेटवर्क तक पहुँचेगी जो बार-बार इन लीक को संभव बनाता है। लाखों छात्रों के करियर दाँव पर हैं — जवाबदेही की माँग केवल विपक्ष की नहीं, पूरे देश की है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के सामने आने के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी। महाराष्ट्र, केरल और हरियाणा सहित कई राज्यों से गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं।
सीबीआई ने नीट लीक मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
सीबीआई ने 14 मई 2026 तक इस मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नवीनतम गिरफ्तारियाँ 24 घंटों में देशभर के 14 स्थानों पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हुईं।
नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
नए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडा और पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी सीबीआई के व्यापक तलाशी अभियान के दौरान हुई।
शरद पवार ने नीट लीक पर केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
शरद पवार ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में पेपर लीक के कई मामलों के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई ठोस एहतियाती कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि पूरी परीक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा कब होगी?
अभी तक NTA ने पुनः परीक्षा की कोई तारीख घोषित नहीं की है। शरद पवार ने भी इस अनिश्चितता को छात्रों की सबसे बड़ी चिंता बताया है। सीबीआई जांच जारी है और आगे की घोषणाएँ अपेक्षित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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