नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने पुणे-अहिल्यानगर से 2 और आरोपी दबोचे, कुल गिरफ्तारी 7
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी 2026 के कथित पेपर लीक मामले में 14 मई 2026 को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 7 हो गई है। एजेंसी ने एक साथ देशभर के 14 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी भी की।
नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
ताज़ा गिरफ्तारी में धनंजय लोखंडे (अहिल्यानगर, महाराष्ट्र) और मनीषा वाघमारे (पुणे, महाराष्ट्र) को हिरासत में लिया गया है। सीबीआई की विशेष टीमें 12 मई 2026 से इस मामले में सक्रिय हैं और संभावित कड़ियों की पड़ताल जारी है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक से जुड़ी अनियमितताओं का उल्लेख था। इससे पहले सीबीआई ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था — 3 जयपुर, 1 गुरुग्राम और 1 नासिक से। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का यह मामला 2024 के विवाद के बाद एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।
अदालत में सुनवाई
राऊज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में गुरुवार को पाँचों आरोपियों को पेश किया गया। कोर्ट ने सीबीआई की रिमांड माँग स्वीकार करते हुए आरोपियों को 7 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा। सुनवाई के दौरान अदालत ने एजेंसी को निर्देश दिया कि आरोपियों को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जाए और गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से बताए जाएँ।
सीबीआई का तर्क: व्यापक साजिश की आशंका
सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि यह एक व्यापक साजिश है जिसमें कथित तौर पर सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक सेवकों और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोगों की संलिप्तता हो सकती है। एजेंसी के अनुसार, पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए आरोपियों की कस्टडी आवश्यक है। कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ अभी भी जारी है।
आगे क्या होगा
सीबीआई सूत्रों के अनुसार आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। यह मामला न केवल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है — ऐसे में जाँच का दायरा और गहरा होने की उम्मीद है।