नीट पेपर लीक 2026: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पाँचों आरोपियों को 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 14 मई 2026 को नीट यूजी परीक्षा 2026 के कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पाँचों आरोपियों को 7 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा रिमांड की माँग किए जाने पर अदालत ने उसे स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत में क्या हुआ
गुरुवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने पाँचों आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और उनकी रिमांड की माँग की। अदालत ने एजेंसी को यह निर्देश भी दिया कि आरोपियों को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जाए और गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से बताए जाएँ।
आरोपियों के अधिवक्ता ने सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए दलील दी कि गिरफ्तारी अवैध है, क्योंकि गिरफ्तारी के समय आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सातों दिनों की सीबीआई हिरासत का आदेश सुनाया।
डिजिटल सबूत और लीक का तरीका
जाँच एजेंसी ने अदालत को बताया कि जाँच के दौरान व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से ऐसे सबूत बरामद हुए हैं, जिनमें वही प्रश्न मौजूद हैं जो नीट परीक्षा में पूछे गए थे। सीबीआई के अनुसार, कथित तौर पर करीब 100 प्रश्न परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे और आरोपियों द्वारा प्रश्नपत्र के साथ उत्तर कुंजी भी उपलब्ध कराई गई थी।
एजेंसी के अनुसार, आरोपी यश यादव को टेलीग्राम के ज़रिए पेपर भेजे गए थे, जबकि शुभम ने उसे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। यश यादव का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है, जिससे कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
साजिश का दायरा और आरोप
सीबीआई ने अदालत में दलील दी कि यह एक व्यापक साजिश है। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न लीक किए, ताकि अभ्यर्थियों को बेहतर अंक मिल सकें और उन्हें जयपुर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने में मदद मिल सके।
जाँच एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क में संभावित रूप से सरकारी कर्मचारियों और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोगों की संलिप्तता की भी जाँच की जानी है, जिसके लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का यह मामला 2024 में भी सुर्खियों में रहा था, जब व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।
आगे क्या होगा
सीबीआई अब 7 दिनों की हिरासत में आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश करेगी। जाँच में यह पता लगाना प्राथमिकता होगी कि इस साजिश में कितने और लोग शामिल हैं और क्या किसी सरकारी तंत्र की मिलीभगत थी। मामले की अगली सुनवाई 7 दिन बाद निर्धारित है।