एशियन बॉक्सिंग अंडर-15: भारतीय बेटियों ने 7 गोल्ड से मारी बाजी, कुल 27 मेडल के साथ टॉप पर

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एशियन बॉक्सिंग अंडर-15: भारतीय बेटियों ने 7 गोल्ड से मारी बाजी, कुल 27 मेडल के साथ टॉप पर

सारांश

ताशकंद में भारत की बेटियों ने मुक्केबाजी की अंगूठी में जो कर दिखाया वह असाधारण है — 7 गोल्ड के साथ अंडर-15 बालिका वर्ग में नंबर-1 का ताज। कुल 27 मेडल के साथ यह प्रदर्शन भारतीय जूनियर मुक्केबाजी की गहरी होती प्रतिभा पाइपलाइन का प्रमाण है।

मुख्य बातें

भारत ने एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में कुल 27 मेडल — 9 गोल्ड, 6 सिल्वर, 12 ब्रॉन्ज — जीते।
अंडर-15 बालिका वर्ग में 7 गोल्ड, 2 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज के साथ भारत मेडल टैली में पहले स्थान पर रहा।
एंजी (37 किग्रा), सोनिया (40 किग्रा), तन्वी (43 किग्रा), हंसिका अत्री (46 किग्रा), सुनैना (58 किग्रा), भूमिका (61 किग्रा) और एंजेल (70 किग्रा) ने गोल्ड जीते।
अंडर-15 बालक वर्ग में यश कुमार (33 किग्रा) और मोहम्मद यासर (58 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीते।
प्रतियोगिता ताशकंद, उज्बेकिस्तान में 14 मई 2026 को संपन्न हुई।

भारत की युवा महिला मुक्केबाजों ने ताशकंद में आयोजित एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। 14 मई 2026 को समाप्त हुए इस टूर्नामेंट में भारत ने कुल 27 मेडल9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज — जीतकर अंडर-15 लड़कियों की मेडल टैली में पहला स्थान हासिल किया। यह प्रदर्शन भारतीय जूनियर मुक्केबाजी के लिए एक मील का पत्थर है।

लड़कियों का दबदबा — 7 गोल्ड की झड़ी

अंडर-15 बालिका वर्ग ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय अभियान की अगुवाई की। 37 किलोग्राम वर्ग में एंजी ने कजाकिस्तान की नूरजानत बेकनजार को 5:0 से हराकर गोल्ड जीता। 40 किलोग्राम वर्ग में सोनिया ने उज्बेकिस्तान की बोमिनाखोन को भी 5:0 के एकतरफा अंतर से मात दी।

43 किलोग्राम वर्ग में तन्वी ने चीनी ताइपी की हान-हसी चेन को पहले राउंड में ही एबीडी (Abandoned) के जरिए हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 46 किलोग्राम वर्ग में हंसिका अत्री ने कजाकिस्तान की सबरीना आदिलखानोवा को दूसरे राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट) के जरिए पराजित किया।

58 किलोग्राम वर्ग में सुनैना ने उज्बेकिस्तान की मुकद्दस जोकिरोवा को पहले राउंड में ही आरएससी से हराया। 61 किलोग्राम वर्ग में भूमिका ने कजाकिस्तान की अयारू फैज़ुल्लायेवा को दूसरे राउंड में आरएससी से मात देकर भारत की झोली में एक और गोल्ड डाला। 70 किलोग्राम वर्ग में एंजेल ने उज्बेकिस्तान की खोंजोदाबेगिम बारातोवा को 4:1 से हराकर लड़कियों के अभियान का शानदार समापन किया।

सिल्वर पर रहीं — लेकिन हौसला बुलंद

33 किलोग्राम वर्ग में अक्षिता उज्बेकिस्तान की ओडिना यूसुपोवा से 2:3 के करीबी मुकाबले में हारकर सिल्वर पर रहीं। 64 किलोग्राम वर्ग में तन्वी को उज्बेकिस्तान की मलिका उलुगबेकोवा ने 5:0 से हराया, जिससे उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

लड़कों ने भी दिखाया दम — 2 गोल्ड का योगदान

अंडर-15 बालक वर्ग ने 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल जीते। 33 किलोग्राम वर्ग में यश कुमार ने कजाकिस्तान के सायत राकिमबर्दी को 3:2 से हराकर गोल्ड जीता। 58 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद यासर ने उज्बेकिस्तान के अब्दुल्लोह करीमजोनोव को 3:2 की रोमांचक जीत से हराया।

हालाँकि, सास्था वसंत अशोक कुमार (37 किलोग्राम) फायोजबेक नोरालिएव से 0:5 से हारकर सिल्वर पर रहे। समीर बोहरा (43 किलोग्राम) कजाकिस्तान के बेइबारिस कोइशिबे से 1:4 से हारे। सुदर्शन वासुदेव चंदक (52 किलोग्राम) उज्बेकिस्तान के जावोहिर नेमतजोनोव से 0:5 से हारकर सिल्वर पर रहे। रोनक पराग लोखंडे (67 किलोग्राम) को पहले राउंड में कजाकिस्तान के अमनजान जानाय के खिलाफ आरएससी से हार का सामना करना पड़ा।

आगे की राह

यह प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी के भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है। गौरतलब है कि अंडर-15 स्तर पर मिली यह सफलता वरिष्ठ स्तर की पाइपलाइन को मजबूत करती है, जहाँ भारत पहले से ही एशिया की अग्रणी मुक्केबाजी शक्तियों में गिना जाता है। इन युवा प्रतिभाओं पर अब राष्ट्रीय कोचिंग स्टाफ की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला मुक्केबाजी की संरचनात्मक मजबूती का संकेत है। जिस तरह कई मुकाबले आरएससी और एबीडी से जीते गए, वह तकनीकी श्रेष्ठता को दर्शाता है — न कि केवल अंकों की बढ़त। हालाँकि, उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान जैसे देश अभी भी कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं, इसलिए असली परीक्षा यह होगी कि इन प्रतिभाओं को वरिष्ठ स्तर तक किस तरह पोषित किया जाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने इस चैंपियनशिप में कुल 27 मेडल जीते — 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज। यह टूर्नामेंट 14 मई 2026 को ताशकंद, उज्बेकिस्तान में संपन्न हुआ।
अंडर-15 बालिका वर्ग में भारत की किन मुक्केबाजों ने गोल्ड जीता?
एंजी (37 किग्रा), सोनिया (40 किग्रा), तन्वी (43 किग्रा), हंसिका अत्री (46 किग्रा), सुनैना (58 किग्रा), भूमिका (61 किग्रा) और एंजेल (70 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीते। इन सात खिलाड़ियों ने भारत को बालिका वर्ग की मेडल टैली में शीर्ष पर पहुँचाया।
अंडर-15 बालक वर्ग में भारत के लिए किसने गोल्ड जीता?
यश कुमार ने 33 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान के सायत राकिमबर्दी को 3:2 से हराकर और मोहम्मद यासर ने 58 किलोग्राम वर्ग में उज्बेकिस्तान के अब्दुल्लोह करीमजोनोव को 3:2 से हराकर गोल्ड मेडल जीते।
भारत इस चैंपियनशिप में किस स्थान पर रहा?
भारत अंडर-15 बालिका वर्ग की मेडल टैली में पहले स्थान पर रहा। समग्र रूप से भारत ने 9 गोल्ड सहित 27 मेडल जीतकर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देशों में अपनी जगह बनाई।
आरएससी और एबीडी से जीत का क्या मतलब है?
आरएससी का अर्थ है 'रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट' — जब रेफरी किसी मुक्केबाज की सुरक्षा के लिए मुकाबला रोक देता है। एबीडी (Abandoned) तब होता है जब प्रतिद्वंद्वी मुकाबला जारी रखने में असमर्थ हो। इस तरह की जीत तकनीकी और शारीरिक श्रेष्ठता का प्रमाण मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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