एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: भारतीय युवा मुक्केबाजों का ताशकंद में दमदार शो, अंडर-15 व अंडर-17 में लगातार जीतें
सारांश
मुख्य बातें
ताशकंद, 4 मई 2026। भारतीय युवा मुक्केबाजों ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में चल रही एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 और अंडर-17 चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, अंडर-17 लड़कों और लड़कियों की श्रेणियों में कई शीर्ष प्रदर्शन दर्ज किए हैं। भारतीय दल विभिन्न आयु वर्गों में अपनी होनहार प्रतिभा को प्रदर्शित करते हुए एशियाई मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दिखा रहा है।
अंडर-17 लड़कों में भारतीय जीतें
यश यादव (50 किलोग्राम) ने तुर्कमेनिस्तान के सुलेमान अहमदोव को 5:0 के एकमत निर्णय से हराया, जबकि करुणा अल्बर्टसन कोम (60 किलोग्राम) ने ताजिकिस्तान के अली नजरॉव के विरुद्ध 4:1 से विजयी रहे। इन दोनों मुक्केबाजों का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में भारतीय दल की ताकत को रेखांकित करता है।
मिश्रित परिणाम अंडर-17 में
गोपाल रामेश्वर गणेशे (52 किलोग्राम) को ताजिकिस्तान के नजरॉव दामिर के खिलाफ 2:3 के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। प्रशांत मिश्रा (57 किलोग्राम) को चीन के तांगजी लियू जैसे कड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 0:5 से हार का सामना करना पड़ा, जो इस टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को दर्शाता है।
अंडर-15 लड़कियों का शानदार प्रदर्शन
खुशी राणा (49 किलोग्राम) ने वियतनाम की नगोक ट्रुक गुयेन के विरुद्ध पहले राउंड में ही आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) के आधार पर शानदार जीत दर्ज की। हंसिका अत्री (46 किलोग्राम) ने उज्बेकिस्तान की विसोला बख्तियोरोवा को 5:0 से हराया। नित्या पांडे (55 किलोग्राम) को कजाकिस्तान की अरुणा शालमन के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
अंडर-15 लड़कों में शुरुआती सफलता
समीर बोहरा (43 किलोग्राम) ने शुरुआती दौर में चीनी ताइपे के हाओ-टिंग चांग पर 5:0 से शानदार जीत दर्ज की, जो अंडर-15 श्रेणी में भारतीय ताकत को दर्शाता है।
अंडर-17 महिलाओं की मजबूत शुरुआत
भारतीय अंडर-17 महिला मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में अपने अभियान की जोरदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन पांच शानदार जीतें दर्ज कीं। नीला नरेंद्र कुमार (46 किलोग्राम) ने सऊदी अरब के खालिद अलहोसाह के विरुद्ध पहले राउंड में ही आरएससी से जीत हासिल की। वहीं, दक्ष पंवार (48 किलोग्राम) को ताजिकिस्तान के फिरुजजोन बोयमातोव के हाथों 0:5 से हार का सामना करना पड़ा।
भविष्य की संभावनाएँ
यह टूर्नामेंट भारतीय युवा मुक्केबाजों के लिए एशियाई स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का महत्वपूर्ण मंच है। जीत और चुनौतियों का यह मिश्रण दर्शाता है कि भारतीय दल विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। अगले दौर के परिणाम टूर्नामेंट में भारतीय दल की अंतिम स्थिति को निर्धारित करेंगे।