एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 2026: लक्ष्य फोगट फाइनल में, आठ भारतीय महिलाओं ने स्वर्ण की ओर नज़र

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एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 2026: लक्ष्य फोगट फाइनल में, आठ भारतीय महिलाओं ने स्वर्ण की ओर नज़र

सारांश

लक्ष्य फोगट का फाइनल में प्रवेश और आठ भारतीय महिला मुक्केबाजों की फाइनल तक की यात्रा एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 चैंपियनशिप 2026 में भारत की मिश्रित सफलता को दर्शाती है। जहाँ पुरुषों का प्रदर्शन सीमित रहा, वहीं महिलाएँ स्वर्ण पदकों की मजबूत उम्मीद लेकर फाइनल की ओर बढ़ी हैं।

मुख्य बातें

लक्ष्य फोगट ने 75 किग्रा में कोरिया के के सियुंगमिन ली को 5:0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई ।
आठ भारतीय महिला मुक्केबाज फाइनल में पहुँचीं; चार ने कांस्य पदक सुनिश्चित किए।
पुरुषों में नरेंद्र नेला, यश यादव, निवेश पाल, नमन ने कांस्य पदक जीते।
राखी, खुशी चंद, नव्या, दिया, हिमांशी, ज्योति, वंशिका महिलाओं में फाइनलिस्ट।
चैंपियनशिप ताशकंद, उज्बेकिस्तान में चल रही है।

ताशकंद, 12 मई। एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनलों में भारतीय पुरुष मुक्केबाजों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। 75 किग्रा वर्ग के लक्ष्य फोगट अकेले मुक्केबाज रहे जिन्होंने खिताबी मुकाबले का टिकट काट लिया, जबकि चार अन्य पहलवानों ने कांस्य पदक सुनिश्चित किए। इसी दौरान, भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ खिलाड़ियों को फाइनल में पहुँचा दिया, जो स्वर्ण पदकों की एक मजबूत संभावना दर्शाता है।

पुरुषों का सेमीफाइनल: लक्ष्य की शानदार जीत, अन्य की निराशा

लक्ष्य फोगट ने 75 किग्रा में कोरिया के के सियुंगमिन ली को 5:0 के सर्वसम्मत निर्णय से पराजित किया, जिससे वे फाइनल में अपनी जगह पक्की कर गए। इसके विपरीत, अन्य भारतीय पहलवानों को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 46 किग्रा में नरेंद्र नेला उज्बेकिस्तान के अब्दुल्लोह नुरालिएव से 0:5 से हार गए। 50 किग्रा वर्ग में यश यादव मंगोलिया के सुल्ड उसुखबातर के हाथों 1:4 से पराजित हुए। 54 किग्रा में निवेश पाल उज्बेकिस्तान के अब्दुलबोसित युरसुनबोएव से 0:5 की एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। 70 किग्रा में नमन उज्बेकिस्तान के अब्दुवोहिद अब्दुमजीदोव से 2:3 के सीमांत अंतर से हार गए।

महिलाओं का शानदार प्रदर्शन: आठ फाइनलिस्ट

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में असाधारण प्रदर्शन किया है। सेमीफाइनलों में आठ खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की, जबकि चार अन्य ने कांस्य पदक जीते। 46 किग्रा में राखी ने चीन की याटिंग झांग को तीसरे राउंड में RSC (रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट) से शानदार तरीके से हराया। 48 किग्रा वर्ग में खुशी चंद ने मंगोलिया की मुंगुंजुल अल्तामगादासा को 5:0 से प्रभावशाली जीत दी। 52 किग्रा में ममता मुरलीधर राउत चीन की याक्सिन किउ से 0:5 से हार गईं, कांस्य पदक हासिल किया। 54 किग्रा में लक्ष्मी मंजूनाथ लमानी उज्बेकिस्तान की कुमरिनिसो मुहम्मदोवा से 1:4 से पराजित हुईं, लेकिन कांस्य पदक सुनिश्चित किया।

महिलाओं में फाइनल के लिए रास्ता साफ़

56 किग्रा में नव्या ने मंगोलिया की डागीमा चुलुतुमुर को दूसरे राउंड में RSC से हराया, फाइनल में अपनी जगह बनाई। 60 किग्रा में इशिका कजाकिस्तान की बालीम गैबिटकीजी से 2:3 के बेहद करीबी मुकाबले में हार गईं, कांस्य पदक जीता। 63 किग्रा में दिया ने चीनी ताइपे की जिया-एन सॉन्ग को पहले राउंड में RSC से शानदार तरीके से हराया। 66 किग्रा में हरनूर कौर कजाकिस्तान की अयाउलिम ओस्पानोवा से 0:5 से हार गईं, कांस्य पदक हासिल किया। 70 किग्रा में हिमांशी ने जॉर्डन की जूड हाबी को पहले राउंड में RSC से पराजित किया। 75 किग्रा में ज्योति ने चीनी ताइपे की चेंग-हुई जू को पहले राउंड में RSC से शानदार तरीके से हराया। 80 किग्रा में वंशिका ने उज्बेकिस्तान की फेरुजाबोनु कामोलोवा को 4:1 से ठोस जीत दी।

भारत की स्वर्ण पदकों की आशा

महिला मुक्केबाजों की आठ फाइनलिस्टों की सूची भारत के लिए स्वर्ण पदकों की एक मजबूत संभावना बनाती है। अगले दिनों के फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता चैंपियनशिप में देश के समग्र प्रदर्शन को निर्धारित करेगी। पुरुषों की ओर से लक्ष्य फोगट का फाइनल मुकाबला भी भारत के पदक टैली को बढ़ाने का मौका देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लक्ष्य फोगट की अकेली फाइनल प्रविष्टि और अन्य चारों की कांस्य पदक तक सीमित सफलता एक कड़वी सच्चाई दर्शाती है — भारतीय पुरुष मुक्केबाजी एशिया के शीर्ष प्रतिभाओं के साथ अभी भी पिछड़ी हुई है। इसके विपरीत, आठ महिलाओं की फाइनल तक की यात्रा न केवल संख्या में बल्कि प्रदर्शन की गुणवत्ता में भी उत्कृष्ट है — राखी, खुशी चंद और दिया की RSC जीतें उनकी तकनीकी श्रेष्ठता को दर्शाती हैं। महिला मुक्केबाजी में भारत की इस आरोही प्रवृत्ति को तब तक टिकाऊ नहीं माना जा सकता जब तक पुरुषों की टीम भी समान मजबूती नहीं दिखाती। फिलहाल, यह चैंपियनशिप भारतीय खेल प्रणाली में लैंगिक विषमता का एक और उदाहरण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पुरुषों का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारतीय पुरुष मुक्केबाजों का सेमीफाइनल प्रदर्शन मिश्रित रहा। 75 किग्रा के लक्ष्य फोगट अकेले फाइनल में पहुँचे, जबकि नरेंद्र नेला (46 किग्रा), यश यादव (50 किग्रा), निवेश पाल (54 किग्रा) और नमन (70 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते।
भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कितनी संख्या में फाइनल में जगह बनाई?
आठ भारतीय महिला मुक्केबाजों ने फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की है। इनमें राखी (46 किग्रा), खुशी चंद (48 किग्रा), नव्या (56 किग्रा), दिया (63 किग्रा), हिमांशी (70 किग्रा), ज्योति (75 किग्रा) और वंशिका (80 किग्रा) शामिल हैं।
लक्ष्य फोगट ने सेमीफाइनल में किसे हराया?
लक्ष्य फोगट ने 75 किग्रा वर्ग में कोरिया के के सियुंगमिन ली को 5:0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराया, जिससे वे फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर गए।
महिला मुक्केबाजों में कौन-से खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीते?
महिलाओं में ममता मुरलीधर राउत (52 किग्रा), लक्ष्मी मंजूनाथ लमानी (54 किग्रा), इशिका (60 किग्रा) और हरनूर कौर (66 किग्रा) ने कांस्य पदक सुनिश्चित किए।
RSC का क्या अर्थ है और किन भारतीय खिलाड़ियों ने इस तरीके से जीत दर्ज की?
RSC का अर्थ है 'रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट', जब रेफरी को लगता है कि एक मुक्केबाज आगे लड़ने में असमर्थ है। राखी, नव्या, दिया, हिमांशी और ज्योति ने RSC से शानदार जीतें दर्ज कीं।
राष्ट्र प्रेस