एशियन बॉक्सिंग अंडर-17: ताशकंद में भारतीय बेटियों की शानदार जीत, 8 फाइनलिस्ट और 4 ब्रॉन्ज मेडलिस्ट
सारांश
मुख्य बातें
ताशकंद, 11 मई 2026। एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 चैंपियनशिप में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 को फाइनल में पहुँचाया, जबकि 4 ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत की बेटियों का वर्चस्व स्पष्ट दिख रहा है।
सेमीफाइनल में शानदार जीतें
46 किलोग्राम वर्ग में राखी ने चीन की याटिंग झांग के खिलाफ तीसरे राउंड में रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (आरएससी) से शानदार जीत दर्ज की। 48 किलोग्राम में खुशी चंद ने मंगोलिया की मुंगुंजुल अल्तामगादासा को 5:0 के एकतरफा स्कोर से परास्त किया।
57 किलोग्राम वर्ग में नव्या ने मंगोलिया की दागीमा चुलुतुमुर के खिलाफ दूसरे राउंड में आरएससी से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। 63 किलोग्राम में दीया ने चीनी ताइपे की जिया-एन सॉन्ग पर पहले राउंड में आरएससी से एकतरफा जीत हासिल की।
70 किलोग्राम वर्ग में हिमांशी ने जॉर्डन की जूड हाबी के खिलाफ पहले राउंड में आरएससी से जीत दर्ज की। 75 किलोग्राम में ज्योति ने चीनी ताइपे की चेंग-हुई जू के विरुद्ध पहले राउंड में आरएससी से जीत दर्ज करते हुए आगे बढ़ीं। 80 किलोग्राम में वंशिका ने उज्बेकिस्तान की फेरुजाबोनु कामोलोवा को 4:1 से परास्त किया। 80+ किलोग्राम वर्ग में गुरसीरत कौर ने चीनी ताइपे की शिन-यिंग हुआंग के खिलाफ पहले राउंड में आरएससी से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
ब्रॉन्ज मेडलिस्ट की सूची
52 किलोग्राम वर्ग में ममता मुरलीधर राउत ने चीन की याक्सिन किउ के खिलाफ 0:5 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल सुरक्षित किया। 54 किलोग्राम में लक्ष्मी मंजूनाथ लमानी को उज्बेकिस्तान की कुमरिनिसो मुहम्मदोवा के हाथों 1:4 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला। 60 किलोग्राम में इशिका ने कजाकिस्तान की बाल्यम गैबिटकीजी के विरुद्ध 2:3 से कड़े मुकाबले में हार के बाद ब्रॉन्ज सुरक्षित किया। 66 किलोग्राम में हरनूर कौर को कजाकिस्तान की अयाउलिम ओस्पानोवा के हाथों 0:5 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला।
अंडर-15 लड़कों का प्रदर्शन
भारतीय लड़कों ने भी अंडर-15 वर्ग में जबरदस्त प्रदर्शन किया। छह मुक्केबाज फाइनल में पहुँचे और सात ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। 33 किलोग्राम वर्ग में यश कुमार ने यूएई के कियान इकबाल पर 5:0 से शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई। 37 किलोग्राम में सास्था वसंत अशोक कुमार ने किर्गिस्तान के अजिरेताली संझारबेकोव के खिलाफ दूसरे राउंड में रेफरी के फैसले से जीत हासिल की।
भारत की बॉक्सिंग ताकत
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बॉक्सिंग युवा स्तर पर एशिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रही है। एशियन चैंपियनशिप में लगातार दो वर्षों से भारत के मुक्केबाजों का प्रदर्शन उम्मीदें बढ़ा रहा है। यह फाइनल प्रदर्शन भारतीय बॉक्सिंग के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।