एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: ताशकंद में भारतीय अंडर-17 लड़कियों ने 12 मेडल जीते
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अंडर-17 महिला मुक्केबाजों ने 7 मई 2026 को ताशकंद, उज्बेकिस्तान में एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 और अंडर-17 चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 मेडल सुनिश्चित किए। गुरुवार को खेले गए मुकाबलों में भारतीय दल ने महाद्वीपीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति का प्रदर्शन किया, जिससे युवा प्रतिभा के विकास का संदेश गया।
प्रमुख विजेताओं का प्रदर्शन
राखी (46 किलोग्राम) ने चीनी ताइपे के विरुद्ध 5:0 के निर्णय से जीत दर्ज की। खुशी (48 किलोग्राम) ने कोरिया की प्रतिद्वंद्वी को पहले राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट) से पराजित किया, जबकि ममता (52 किलोग्राम) ने जॉर्डन की खिलाड़ी को दूसरे राउंड में आरएससी से हराया। लक्ष्मी (54 किलोग्राम) ने मंगोलिया के खिलाफ तीसरे राउंड में आरएससी जीत हासिल की।
मध्य और भारी वर्गों में सफलता
नव्या (57 किलोग्राम) ने अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी को 5:0 के फैसले से हराया। इशिका (60 किलोग्राम) ने मंगोलिया के खिलाफ दूसरे राउंड में आरएससी से जीत दर्ज की। हरनूर (66 किलोग्राम) और हिमांशी (70 किलोग्राम) दोनों ने चीनी ताइपे के खिलाफ पहले राउंड में आरएससी से विजय हासिल की। ज्योति (75 किलोग्राम) तुर्कमेनिस्तान की खिलाड़ी के अयोग्य घोषित होने के बाद अगले दौर में प्रवेश कीं, जबकि गुरसीरत (80+ किलोग्राम) ने कजाकिस्तान की प्रतिद्वंद्वी को 4:0 से पराजित किया।
निराशाजनक पल और लड़कों की उपलब्धि
दिन का एकमात्र नकारात्मक पहलू ओवी (50 किलोग्राम) की उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी के विरुद्ध 2:3 की बेहद कड़ी हार थी। लड़कों की श्रेणी में, नरेंद्र कुमार नेला (44–46 किलोग्राम) ने आरएससी से शानदार जीत दर्ज करके दल के कुल प्रदर्शन को मजबूत किया।
भारतीय बॉक्सिंग की बढ़ती ताकत
गौरतलब है कि भारतीय महिला बॉक्सिंग पिछले पाँच वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरा है। एशियन चैंपियनशिप में लगातार मेडल जीतना भारत की युवा प्रतिभा पूल की गहराई को दर्शाता है। यह ताशकंद में भारत की तीसरी बड़ी एशियन चैंपियनशिप सफलता है, जो 2024 के बाद से महिला मुक्केबाजी में संस्थागत सुधार का संकेत देती है।
आगे की दिशा
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने इस प्रदर्शन के बाद आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए इन खिलाड़ियों को तैयार करने की घोषणा की है। अगले महीने विश्व अंडर-18 चैंपियनशिप की ओर भारतीय दल की नज़र है, जहाँ ये खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर पाएँगे।