पवन खेड़ा की असम पुलिस पूछताछ: '25 तारीख को फिर आऊंगा, जांच में सहयोग करता रहूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 14 मई 2026 को गुवाहाटी में असम पुलिस की पूछताछ के बाद पत्रकारों से कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं और 25 मई को दोबारा बुलाए जाने पर भी उपस्थित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूछताछ की विषयवस्तु पर बाहर कोई चर्चा नहीं करेंगे।
पूछताछ का ब्यौरा
असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुवाहाटी स्थित अपने कार्यालय में खेड़ा से 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। देर शाम कार्यालय से बाहर निकलने के बाद खेड़ा ने मीडिया से कहा, 'मैं पुलिस के साथ सहयोग कर रहा हूं। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं और आगे भी जांच में सहयोग करता रहूंगा।'
खेड़ा ने यह भी कहा, 'एक जांच में जो भी सवाल पूछे जाते हैं, वो मुझसे पूछे गए। मुझे जो भी जवाब देना था, मैंने दिया। जितने सवाल पूछेंगे, उसका जवाब मैं दूंगा।'
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूछताछ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़े मामले में हो रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि रिंकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेशों में उनके आर्थिक हित जुड़े हुए हैं।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें चुनाव से जुड़े मामलों में झूठे बयान, धोखाधड़ी, मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी, सार्वजनिक रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, जानबूझकर अपमान और मानहानि शामिल हैं।
सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी थी। न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। खेड़ा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
आगे क्या होगा
खेड़ा को 25 मई को क्राइम ब्रांच कार्यालय में फिर से उपस्थित होना है। उन्होंने साफ किया कि हर जिम्मेदार नागरिक को जांच में सहयोग देना चाहिए और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। यह मामला कांग्रेस और असम सरकार के बीच राजनीतिक तनाव की एक और कड़ी बनता दिख रहा है।