ओम प्रकाश राजभर बोले: जनता PM मोदी पर भरोसा करती है, विपक्ष बिहार-बंगाल नतीजों से घबराया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 14 मई को अंबेडकरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) नेता राजकुमार भाटी की ब्राह्मण समुदाय के विरुद्ध की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा की। राजभर ने कहा कि इस प्रकार का बयान समाज में वैमनस्यता फैलाने के समान है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विपक्ष की घबराहट पर राजभर का बयान
मंत्री राजभर ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद से विपक्ष में बेचैनी है, और बंगाल चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद यह छटपटाहट और अधिक बढ़ गई है। उनके अनुसार, देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास को देख रही है और उन पर भरोसा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जो कार्य हो रहे हैं, वे विपक्ष को रास नहीं आ रहे।
सपा नेता के बयान की निंदा
राजभर ने राजकुमार भाटी के बयान को सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला बताया। उन्होंने विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एक तरफ सपा नेतृत्व ब्राह्मण और राजपूत समुदाय से वोट माँग रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के नेता उन्हीं समुदायों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इस तरह का बयान देना समाज में वैमनस्यता पैदा करने के बराबर है।'
पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिप्पणी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राजभर ने कहा कि इससे सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध इस समय सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
वीआईपी काफिले पर PM की अपील का असर
प्रधानमंत्री मोदी की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर राजभर ने कहा कि वे पहले से ही केवल एक एस्कॉर्ट वाहन के साथ चलते हैं और अनावश्यक तामझाम से परहेज करते हैं। उन्होंने बताया कि वे सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अपने वाहन से ही यात्रा करते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार ने मंत्रियों के काफिले को सीमित करने के निर्देश जारी किए हैं।
आगे की राजनीतिक स्थिति
राजभर के इस बयान से स्पष्ट है कि एनडीए गठबंधन आने वाले समय में विपक्ष की जातीय राजनीति को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की बयानबाज़ी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।