खरीफ 2026-27: केंद्र सरकार ने 14 फसलों का एमएसपी बढ़ाया, छोटे-सीमांत किसानों को सीधा फायदा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह निर्णय देशभर के किसानों — विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों — के लिए राहत का संदेश लेकर आया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से कृषि लागत की भरपाई के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
मुख्य घटनाक्रम
सीसीईए की बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत 14 खरीफ फसलों का एमएसपी संशोधित किया गया है। सरकार के अनुसार एमएसपी के अंतर्गत फसल खरीद की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है। यह व्यवस्था किसानों को बाजार में भाव गिरने की स्थिति में भी एक निश्चित न्यूनतम मूल्य की गारंटी देती है।
किसानों की प्रतिक्रिया
थराद के किसान मुकेशभाई कापड़ी ने कहा, 'किसानों की फसल की खरीदी एमएसपी के तहत हो रही है। मार्केट रेट ₹1,000 प्रति मन होता है, अब इसका सीधा ₹1,500 मिल रहा है। पेमेंट सीधा बैंक खाते में आता है। इससे किसान समृद्ध हो रहे हैं।'
किसान दिनेशभाई कापड़ी ने कहा, 'खुली मंडी में व्यापारी अपने हिसाब से रेट देते थे, लेकिन सरकार ने एमएसपी के तहत जो रेट फिक्स किया है, वह बहुत ज्यादा है। एमएसपी का पैसा सीधा किसान के खाते में आता है, इसके कारण अब किसानों को कोई घाटा नहीं हो रहा है।'
हरिभाई पटेल ने कहा, 'पीएम मोदी ने जो एमएसपी बढ़ाई है, उसका पैसा सीधा किसानों के खाते में जाता है।'
दलहन-तिलहन पर विशेष जोर
गौरतलब है कि इस एमएसपी संशोधन में दलहन और तिलहन फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार भारत अभी भी इन फसलों के आयात पर बड़े पैमाने पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर एमएसपी से किसान इन फसलों की ओर आकर्षित होंगे, जिससे आयात निर्भरता में कमी आ सकती है।
आम जनता और कृषि क्षेत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब कृषि क्षेत्र में निवेश और लाभप्रदता को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। किसानों का कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा। इस निर्णय को सरकार की 'किसान आय दोगुनी' करने की दिशा में एक और कदम के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होगा आगे
संशोधित एमएसपी दरें खरीफ सीजन 2026-27 से प्रभावी होंगी। किसान संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालाँकि कुछ कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एमएसपी का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब सरकारी खरीद तंत्र को और मजबूत किया जाए तथा सभी किसानों तक इसकी पहुँच हो।