खरीफ एमएसपी 2026-27: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

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खरीफ एमएसपी 2026-27: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

सारांश

केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी — सूरजमुखी बीज में ₹622 प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी वृद्धि। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम बताया और राज्य में 'किसान कल्याण वर्ष 2026' के तहत चल रही पहलों का भी उल्लेख किया।

मुख्य बातें

CCEA ने 13 मई 2026 को 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी।
सूरजमुखी बीज में सर्वाधिक ₹622 प्रति क्विंटल की वृद्धि; कपास में ₹557 , नाइजर बीज में ₹515 और तिल में ₹500 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी।
मूंग से उत्पादन लागत पर सबसे अधिक 61% रिटर्न का अनुमान; धान, रागी, ज्वार से 50% रिटर्न अपेक्षित।
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य के लाखों किसानों को सीधे फायदा होगा।
मध्य प्रदेश 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मना रहा है, जिसके तहत कृषि प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम जारी हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार, 13 मई को केंद्र सरकार के उस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया, जिसमें 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य के लाखों किसानों की आय में सीधे इज़ाफा करेगा और कृषि क्षेत्र को नई मज़बूती देगा।

केंद्र का फैसला और एमएसपी संशोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को संशोधित एमएसपी को औपचारिक मंजूरी दी। संशोधित ढाँचे के अनुसार, सूरजमुखी बीज में सबसे अधिक ₹622 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कपास के लिए एमएसपी में ₹557 प्रति क्विंटल, नाइजर बीज में ₹515 प्रति क्विंटल और तिल में ₹500 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

उत्पादन लागत पर अनुमानित रिटर्न

केंद्र सरकार के अनुमान के अनुसार, खाद्यान्नों में मूंग से किसानों को उत्पादन लागत पर सबसे अधिक 61 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है। बाजरा और मक्का के लिए यह अनुमान 56 प्रतिशत और अरहर के लिए 54 प्रतिशत है। उड़द से 51 प्रतिशत, जबकि रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान से लगभग 50 प्रतिशत रिटर्न मिलने की संभावना जताई गई है।

तिलहन फसलों — जिनमें मूंगफली, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन, तिल और नाइजर बीज शामिल हैं — में भी किसानों को उत्पादन लागत पर लगभग 50 प्रतिशत मार्जिन मिलने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री यादव की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार फ़ैसले लिए जा रहे हैं। 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।"

उन्होंने आगे कहा, "न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के फैसले से मध्य प्रदेश और पूरे देश के किसानों को सीधे तौर पर फायदा होगा। केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।"

मध्य प्रदेश की राज्य-स्तरीय पहलें

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मना रहा है। इस अभियान के तहत राज्यभर में उन्नत कृषि मशीनों की प्रदर्शनियाँ, सरकारी योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम और आधुनिक खेती की तकनीकों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यहाँ के लाखों परिवार सीधे खेती पर निर्भर हैं।

आगे क्या

एमएसपी में यह बढ़ोतरी खरीफ सीजन 2026-27 से प्रभावी होगी। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहलों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और कृषि निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या किसानों को वास्तव में घोषित दाम मिल पाते हैं — क्योंकि सरकारी खरीद केंद्रों की पहुँच और क्षमता अक्सर सीमित रहती है। मध्य प्रदेश जैसे कृषि-प्रधान राज्य में, जहाँ सोयाबीन और गेहूँ उत्पादन में किसान पहले भी एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हुए हैं, वहाँ केवल संख्याओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है। 'किसान कल्याण वर्ष' की पहल सराहनीय है, लेकिन इसकी सफलता की कसौटी यह होगी कि जमीनी स्तर पर खरीद तंत्र कितना मजबूत है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026-27 खरीफ सीजन के लिए एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, जिसमें सूरजमुखी बीज में सबसे अधिक ₹622 प्रति क्विंटल, कपास में ₹557, नाइजर बीज में ₹515 और तिल में ₹500 प्रति क्विंटल की वृद्धि शामिल है।
मध्य प्रदेश के किसानों को एमएसपी बढ़ोतरी से कैसे फायदा होगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, इस फैसले से मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा, क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा हिस्सा है। बेहतर एमएसपी से किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
खाद्यान्न फसलों में किसे सबसे अधिक रिटर्न मिलने का अनुमान है?
केंद्र के अनुमान के अनुसार, मूंग से उत्पादन लागत पर सबसे अधिक 61 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है। इसके बाद बाजरा और मक्का से 56 प्रतिशत, अरहर से 54 प्रतिशत और उड़द से 51 प्रतिशत रिटर्न का अनुमान है।
मध्य प्रदेश का 'किसान कल्याण वर्ष 2026' क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। इसके तहत राज्यभर में उन्नत कृषि मशीनों की प्रदर्शनियाँ, सरकारी योजनाओं पर जागरूकता अभियान और आधुनिक खेती की तकनीकों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
तिलहन फसलों के लिए एमएसपी में क्या बदलाव हुआ है?
मूंगफली, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन, तिल और नाइजर बीज सहित तिलहन फसलों में किसानों को उत्पादन लागत पर लगभग 50 प्रतिशत मार्जिन मिलने का अनुमान है। सूरजमुखी बीज में ₹622 और नाइजर बीज में ₹515 प्रति क्विंटल की सबसे उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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