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क्या उत्तर प्रदेश में रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसान खुश हैं?

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क्या उत्तर प्रदेश में रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसान खुश हैं?

सारांश

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में किसानों ने रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। सरकार के इस कदम को लेकर किसानों में सकारात्मक प्रतिक्रिया है। क्या मोदी सरकार किसानों के लिए सही दिशा में कदम उठा रही है?

मुख्य बातें

रबी फसलों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को लाभ होगा।
मोदी सरकार के कार्यकाल में फसलों के दाम में वृद्धि हुई है।
किसानों को लागत के अनुसार एमएसपी में और बढ़ोतरी की आवश्यकता है।
सरकार की नीतियों से किसानों में प्रेरणा का संचार होगा।
किसान प्रकाश की उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में भी फसलों की कीमतें बढ़ेंगी।

शामली, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सभी आवश्यक रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा। शामली के किसानों ने इस फैसले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि मोदी सरकार में फसलों के दाम में निरंतर वृद्धि हो रही है।

केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के लिए बढ़ाए गए एमएसपी पर शामली के किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। किसानों का कहना है कि फसलों के दाम बढ़ने से उनकी आय में सुधार होता है। वे यह भी आशा करते हैं कि महंगाई के चलते भविष्य में भी फसलों के दाम बढ़ाए जाएंगे।

किसान अनुराग पंवार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि सरकार ने रबी फसलों पर एमएसपी बढ़ाई है। जैसे, गेहूं का मूल्य 160 रुपए और सरसों का 250 रुपए बढ़ाया गया है। इसके अलावा, तिलहन और दलहन पर भी एमएसपी में वृद्धि की गई है। वर्तमान महंगाई को देखते हुए यह दरें संतोषजनक नहीं हैं और इनका और बढ़ना आवश्यक है। फिर भी, इससे किसानों को लाभ होगा, जिसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं।

किसान मनोज पंवार ने कहा कि एमएसपी की वृद्धि किसानों के हित में है। उन्हें उम्मीद है कि अगली बार दरें और बढ़ेंगी। कुछ लोगों का मानना है कि मोदी सरकार किसानों के लिए काम नहीं कर रही, लेकिन ऐसा नहीं है। जब घर में धन आएगा, तो खुशहाली आएगी। कुछ किसान अपने बच्चों को काम करने के लिए बाहर भेज चुके हैं, लेकिन जो पूरी तरह से खेती पर निर्भर हैं, उनके लिए यह निर्णय बहुत अच्छा है।

किसान राममूरत चौधरी ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है, लेकिन किसानों को मूल्य निर्धारण का अधिकार मिलना चाहिए। उमेश यादव ने बताया कि यह एक स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन लागत के अनुसार एमएसपी में वृद्धि होनी चाहिए। मंगला प्रसाद मौर्य ने कहा कि एमएसपी की वृद्धि से किसानों में प्रेरणा का संचार होगा, जिससे वे बेहतर खेती करेंगे और उत्पादन बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि यह वृद्धि महंगाई और उत्पादन लागत के अनुरूप हो। देश की कृषि नीति में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रबी फसलों के लिए एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी की गई है?
सरकार ने गेहूं के लिए 160 रुपए और सरसों के लिए 250 रुपए की बढ़ोतरी की है।
किसानों की प्रतिक्रियाएँ क्या हैं?
किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे उनके हित में बताया है।
क्या यह बढ़ोतरी महंगाई के अनुरूप है?
किसान मानते हैं कि महंगाई को देखते हुए यह वृद्धि पर्याप्त नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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