ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक नई दिल्ली: जयशंकर बोले — दुनिया को मिलेगी स्थिर और न्यायपूर्ण व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 15 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक में हो रही चर्चाएं दुनिया को अधिक स्थिर, न्यायसंगत और समावेशी दिशा में ले जाने में सहायक सिद्ध होंगी। यह बैठक भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत पहला बड़ा मंत्रीस्तरीय आयोजन है, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के विदेश मंत्री तथा वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
बैठक का संदर्भ और महत्व
जयशंकर ने विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक ऐसे नाज़ुक दौर में हो रही है जब वैश्विक परिदृश्य लगातार जटिल और अनिश्चित होता जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस अनिश्चितता का सबसे गहरा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि यह बैठक वर्ष के अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करने की दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
प्रमुख प्राथमिकताएं: ऊर्जा, खाद्य और समुद्री सुरक्षा
विदेश मंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य एवं उर्वरक आपूर्ति तथा स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में निर्बाध और सुरक्षित समुद्री आवाजाही वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसे सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने भरोसेमंद सप्लाई चेन और विविधीकृत बाज़ारों की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया, ताकि किसी भी वैश्विक संकट के समय आर्थिक स्थिरता बनी रहे।
तकनीक, शासन और संयुक्त राष्ट्र सुधार
जयशंकर ने कहा कि सुशासन और समावेशी विकास के लिए प्रौद्योगिकी का न्यायसंगत उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने भरोसे, पारदर्शिता और तकनीक तक समान पहुँच जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी, दोनों श्रेणियों में सुधार की आवश्यकता दोहराई — जो भारत की दीर्घकालिक कूटनीतिक माँगों में से एक रही है।
शांति और सुरक्षा पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत, कूटनीति और आतंकवाद के विरुद्ध सामूहिक सहयोग के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
एक्स पर जयशंकर का संदेश
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास पर है। हमें भरोसा है कि ब्रिक्स इंडिया 2026 की चर्चाएं दुनिया को ज्यादा स्थिर, न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मदद करेंगी।'
भारत की अध्यक्षता और आगे की राह
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इसकी थीम है — 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' अर्थात मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास। यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन पर आधारित है जो उन्होंने 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 'लोगों को केंद्र में रखने और मानवता पहले' के रूप में प्रस्तुत किया था। इस बैठक के निष्कर्ष वर्ष के अंत में होने वाले शिखर सम्मेलन की नींव रखेंगे।