दरभंगा एयरपोर्ट CISF को सौंपा, CM सम्राट चौधरी बोले — 5 साल में बिहार की एयर कनेक्टिविटी 10 गुना बढ़ाएंगे

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दरभंगा एयरपोर्ट CISF को सौंपा, CM सम्राट चौधरी बोले — 5 साल में बिहार की एयर कनेक्टिविटी 10 गुना बढ़ाएंगे

सारांश

दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा CISF को सौंपने के साथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा लक्ष्य रखा — अगले 5 वर्षों में एयर कनेक्टिविटी 10 गुना बढ़ाकर 4 से 5 करोड़ यात्रियों तक पहुँचाना। 2005-06 में 2.5 लाख से 50 लाख तक का सफर तय हो चुका है; अब अगला पड़ाव और भी बड़ा है।

मुख्य बातें

दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा 14 मई 2026 को औपचारिक रूप से CISF को सौंपी गई; CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कमान संभाली।
CM सम्राट चौधरी ने अगले 5 वर्षों में बिहार की एयर कनेक्टिविटी 10 गुना बढ़ाने और 4-5 करोड़ यात्रियों का लक्ष्य घोषित किया।
वर्ष 2005-06 में बिहार से सालाना 2.5 लाख हवाई यात्री थे, जो अब 50 लाख से अधिक हो चुके हैं।
मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और वीरपुर में एयरपोर्ट के लिए टेंडर हो चुका है; पूर्णिया एयरपोर्ट पहले से चालू है।
दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने और बाबा विद्यापति के नाम पर नामकरण की माँग PM से की जाएगी।
अशोक पेपर मिल की बंद ज़मीन पर अगले 5 वर्षों में नया उद्योग स्थापित करने की योजना।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 मई 2026 को दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा औपचारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने CISF के पुलिस महानिदेशक प्रवीर रंजन को झंडा और सांकेतिक चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में बिहार की एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाना राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

मुख्य घटनाक्रम

दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा CISF को हस्तांतरित करने का यह कार्यक्रम गुरुवार, 14 मई को आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन को झंडा और सांकेतिक चाबी सौंपकर सुरक्षा की कमान उन्हें सुपुर्द की। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप छोटे स्तर पर आयोजन रखा गया।

एयर कनेक्टिविटी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005-06 में बिहार से हवाई यात्रा करने वालों की संख्या मात्र 2.5 लाख प्रति वर्ष थी, जो अब बढ़कर 50 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि अगले पाँच वर्षों में 4 से 5 करोड़ लोगों को बिहार से हवाई यात्रा कराना राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विस्तार एयरपोर्ट, एयर स्ट्रिप और हेलीपोर्ट — तीनों माध्यमों से किया जाएगा।

नए एयरपोर्ट और विस्तार योजनाएँ

मुख्यमंत्री के अनुसार मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और वीरपुर में एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पूर्णिया एयरपोर्ट पहले से चालू हो चुका है। इसके अलावा मुंगेर, अजगैबीनाथ, भागलपुर और बेगूसराय के एयरपोर्ट को भी शीघ्र परिचालन में लाने की योजना है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिलाना भी राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मिथिलांचल के विकास का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने दरभंगा एयरपोर्ट को केवल एक यात्रा केंद्र नहीं, बल्कि मिथिलांचल के उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने का माध्यम बताया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों को इस परिवर्तन का श्रेय दिया। उन्होंने यह भी बताया कि अगले पाँच वर्षों में बंद पड़ी अशोक पेपर मिल की जगह नया उद्योग स्थापित किया जाएगा।

नामकरण और आगे की माँगें

स्थानीय जनता की माँग का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से आग्रह करेंगे कि दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण बाबा विद्यापति के नाम पर किया जाए। यह माँग मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है और लंबे समय से स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की है — मुजफ्फरपुर, सहरसा और वीरपुर जैसे शहरों में टेंडर तो हो चुके हैं, पर ज़मीन पर काम की गति और केंद्र-राज्य समन्वय तय करेगा कि 2031 तक 4-5 करोड़ यात्री का लक्ष्य हकीकत बनता है या सिर्फ आँकड़ा। दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की माँग वर्षों से लंबित है और इसके लिए केंद्र की मंजूरी अनिवार्य है, जो राज्य सरकार के एकतरफा वादे से परे है। मिथिलांचल के उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने का विज़न सही दिशा में है, पर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की तैयारी पर अभी कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा CISF को क्यों सौंपी गई?
14 मई 2026 को दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था औपचारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को हस्तांतरित की गई, जो देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय एजेंसी है। यह कदम एयरपोर्ट के बढ़ते यातायात और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
बिहार में एयर कनेक्टिविटी 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य क्या है?
CM सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले 5 वर्षों में बिहार से 4 से 5 करोड़ लोग हवाई यात्रा कर सकें, यह लक्ष्य है। वर्तमान में बिहार से सालाना 50 लाख से अधिक यात्री हवाई यात्रा करते हैं, जबकि 2005-06 में यह संख्या मात्र 2.5 लाख थी।
बिहार में कौन-से नए एयरपोर्ट बनने वाले हैं?
मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और वीरपुर में एयरपोर्ट के लिए टेंडर हो चुका है। मुंगेर, अजगैबीनाथ, भागलपुर और बेगूसराय के एयरपोर्ट को भी जल्द चालू कराने की योजना है, जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट पहले से परिचालन में है।
दरभंगा एयरपोर्ट का नाम बाबा विद्यापति के नाम पर रखने की माँग क्या है?
CM सम्राट चौधरी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करेंगे कि दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण मिथिला के महान कवि बाबा विद्यापति के नाम पर किया जाए। यह माँग मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है और स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उठाई जाती रही है।
दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कब बनाया जाएगा?
CM सम्राट चौधरी ने दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिलाने की प्रतिबद्धता जताई है, हालाँकि इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी। अभी तक इसकी कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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