भारत-फिलीपींस आतंकवाद-रोधी बैठक मनीला में संपन्न, पहलगाम हमले की संयुक्त निंदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-फिलीपींस आतंकवाद-रोधी बैठक मनीला में संपन्न, पहलगाम हमले की संयुक्त निंदा

सारांश

मनीला में भारत-फिलीपींस की दूसरी आतंकवाद-रोधी जेडब्ल्यूजी बैठक में पहलगाम और लाल किले के हमलों की संयुक्त निंदा हुई। दोनों देशों ने सूचना साझाकरण, आतंकी वित्त पोषण की रोकथाम और कट्टरपंथ-विरोधी सहयोग पर सहमति बनाई। अगली बैठक भारत में होगी।

मुख्य बातें

भारत और फिलीपींस ने मनीला में आतंकवाद-रोधी जेडब्ल्यूजी की दूसरी बैठक 14 मई को संपन्न की।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विनोद बहादे और फिलीपींस के मार्शल लुईस एम.
दोनों देशों ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 की लाल किले के पास की आतंकी घटना की संयुक्त निंदा की।
सूचना साझाकरण, आतंकी वित्त पोषण की रोकथाम और कट्टरपंथ-विरोधी सहयोग पर सहमति बनी।
संयुक्त राष्ट्र, FATF, APG और ARF जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
अगली जेडब्ल्यूजी बैठक भारत में आयोजित करने पर सहमति।

भारत और फिलीपींस ने मनीला में आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उभरते आतंकवाद के खतरों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। दो दिनों तक चली यह बैठक गुरुवार, 14 मई को समाप्त हुई। दोनों देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।

बैठक की अध्यक्षता और प्रतिनिधित्व

इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) विनोद बहादे और फिलीपींस की ओर से विदेश विभाग में एशियन और पैसिफिक मामलों के सहायक सचिव मार्शल लुईस एम. अल्फेरेज ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपींस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग काउंसिल के वरिष्ठ अधिकारियों से भी अलग से मुलाकात की।

मुख्य घटनाक्रम और संयुक्त निंदा

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, 'दोनों पक्षों ने आतंकवाद के हर रूप और उसके सभी तरीकों की कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा पार से होने वाला आतंकवाद भी शामिल है।' बयान में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए भयानक आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के पास हुई आतंकी घटना की भी निंदा की गई। फिलीपींस ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत के साथ अपनी एकजुटता और समर्थन दोहराया।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग, कानून प्रवर्तन, न्यायिक सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। MEA के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने 'समय पर जानकारी साझा करने और आतंकवादी गतिविधियों तथा आतंक के वित्त पोषण में नई व उभरती तकनीकों के इस्तेमाल को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।' कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद की रोकथाम के लिए सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बहुपक्षीय मंचों पर प्रतिबद्धता

दोनों देशों ने आतंकवाद से व्यापक और निरंतर तरीके से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF), एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) और आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि यह दूसरी जेडब्ल्यूजी बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकी नेटवर्क के बीच समन्वय की आशंकाएँ बढ़ रही हैं।

आगे क्या

दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी सहमति से अगली जेडब्ल्यूजी बैठक भारत में आयोजित करने पर सहमति जताई है। यह निर्णय दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जेडब्ल्यूजी जैसी संस्थागत बैठकों की असली कसौटी यह है कि घोषित 'समय पर सूचना साझाकरण' और 'क्षमता निर्माण' ज़मीन पर किस हद तक उतरते हैं — जो अक्सर इन बयानों में अनुत्तरित रह जाता है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत पाकिस्तान से तनाव के बीच अपने कूटनीतिक समर्थन का दायरा बढ़ाने में सक्रिय है, और मनीला से मिला यह समर्थन उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-फिलीपींस आतंकवाद-रोधी जेडब्ल्यूजी बैठक क्या है?
यह भारत और फिलीपींस के बीच आतंकवाद-रोधी मुद्दों पर समन्वय के लिए गठित संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की द्विपक्षीय बैठक है। 14 मई को मनीला में संपन्न हुई यह इस समूह की दूसरी बैठक थी, जिसमें सूचना साझाकरण, न्यायिक सहयोग और कट्टरपंथ-विरोधी उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में पहलगाम हमले का उल्लेख क्यों हुआ?
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की संयुक्त रूप से निंदा की। फिलीपींस ने इस हमले के संदर्भ में आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ अपनी एकजुटता और समर्थन दोहराया।
अगली जेडब्ल्यूजी बैठक कहाँ और कब होगी?
दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी सहमति से अगली जेडब्ल्यूजी बैठक भारत में आयोजित करने पर सहमति जताई है। हालाँकि, सटीक तिथि और स्थान की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बैठक में किन बहुपक्षीय संगठनों पर सहयोग की बात हुई?
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF), एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) और आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इन मंचों के ज़रिए आतंकी वित्त पोषण और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने पर ज़ोर दिया गया।
इस बैठक से भारत को क्या कूटनीतिक लाभ मिला?
फिलीपींस ने पहलगाम और लाल किले के हमलों की स्पष्ट निंदा कर भारत के आतंकवाद-विरोधी रुख को समर्थन दिया, जो कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही, अगली बैठक भारत में आयोजित करने की सहमति दोनों देशों के बीच बढ़ते संस्थागत जुड़ाव को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले