भारत-सूडान 9वें विदेश कार्यालय परामर्श में बहुक्षेत्रीय सहयोग पर सहमति, पोर्ट सूडान में हुई अहम बैठक

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भारत-सूडान 9वें विदेश कार्यालय परामर्श में बहुक्षेत्रीय सहयोग पर सहमति, पोर्ट सूडान में हुई अहम बैठक

सारांश

भारत और सूडान ने पोर्ट सूडान में 9वें विदेश कार्यालय परामर्श में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल अवसंरचना पर सहयोग गहरा करने की सहमति जताई। सूडान ने पहलगाम हमले की निंदा दोहराई और भारत की ITEC व ICCR सहायता की सराहना की। अगला दौर नई दिल्ली में होगा।

मुख्य बातें

4 मई 2025 को पोर्ट सूडान में भारत-सूडान 9वाँ विदेश कार्यालय परामर्श आयोजित हुआ।
भारतीय टीम का नेतृत्व जॉइंट सेक्रेटरी (डब्ल्यूएएनए) डॉ.
सुरेश कुमार ने, सूडानी टीम का राजदूत माविया उस्मान खालिद मोहम्मद ने किया।
दोनों देशों ने राजनीति, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, खनन, कृषि, SMEs और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
सूडान ने पहलगाम आतंकवादी हमले की पुनः कड़ी निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध साझा संकल्प लिया।
सूडान ने ITEC कार्यक्रम और ICCR छात्रवृत्ति के माध्यम से भारत की क्षमता निर्माण सहायता की सराहना की।
अगला विदेश कार्यालय परामर्श नई दिल्ली में आयोजित होगा।

भारत और सूडान ने 4 मई 2025 को पोर्ट सूडान में आयोजित 9वें विदेश कार्यालय परामर्श में राजनीति, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल अवसंरचना सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। यह बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (डब्ल्यूएएनए) डॉ. एम. सुरेश कुमार ने किया। सूडान की ओर से विदेश मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी राजदूत माविया उस्मान खालिद मोहम्मद ने प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस परामर्श के महत्व को रेखांकित करती है।

मुख्य चर्चा के विषय

बैठक में दोनों देशों ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, खनन, कृषि, लघु एवं मध्यम उद्यम (SMEs), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा जनसंपर्क जैसे विविध मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी साझेदारी को रणनीतिक रूप से विस्तार दे रहा है।

आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प

बैठक के दौरान सूडान ने पहलगाम आतंकवादी हमले की एक बार फिर कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने आतंकवाद के खतरे से मिलकर मुकाबला करने का दृढ़ संकल्प लिया। गौरतलब है कि यह निंदा सूडान की भारत के प्रति स्पष्ट एकजुटता को दर्शाती है।

भारत की सहायता की सराहना

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सूडान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हैथम मोहम्मद इब्राहिम से मुलाकात की, जिन्होंने भारत की मानवीय सहायता और स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे सहयोग की सराहना की। इसमें हाल ही में आयोजित कृत्रिम अंग शिविर भी शामिल था। सूडान ने आईटीईसी (ITEC) कार्यक्रम और आईसीसीआर (ICCR) छात्रवृत्ति के माध्यम से भारत द्वारा प्रदान की जा रही क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास सहायता की भी विशेष प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल ने रेड सी राज्य के गवर्नर मुस्तफा मोहम्मद नूर से भी भेंट की।

ऐतिहासिक संदर्भ और अगला कदम

भारत और सूडान के संबंध अत्यंत प्राचीन हैं। सूडान में भारतीय दूतावास के अनुसार, लगभग 5,000 वर्ष पूर्व मेसोपोटामिया के माध्यम से नीलोटिक और सिंधु घाटी सभ्यताओं के बीच संपर्क और संभवतः व्यापार होता था। उल्लेखनीय है कि 1953 में सूडान के पहले संसदीय चुनाव तत्कालीन भारतीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन की देखरेख में संपन्न हुए थे। दोनों देशों ने तय किया कि विदेश कार्यालय परामर्श का अगला दौर आपसी सहमति से नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे में भारत का पोर्ट सूडान में कूटनीतिक संवाद बनाए रखना एक सुविचारित रणनीतिक कदम है। यह बैठक केवल द्विपक्षीय शिष्टाचार नहीं, बल्कि अफ्रीका में भारत की बढ़ती पहुँच का हिस्सा है — खासकर तब जब चीन अफ्रीकी देशों में अपना प्रभाव तेज़ी से बढ़ा रहा है। सूडान द्वारा पहलगाम हमले की निंदा दोहराना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के पक्ष में अफ्रीकी समर्थन की व्यापक तस्वीर को मज़बूत करता है। हालाँकि, सूडान की अस्थिर आंतरिक स्थिति को देखते हुए, इन सहयोग समझौतों के ज़मीनी क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता एक बड़ा प्रश्न बनी रहेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-सूडान 9वाँ विदेश कार्यालय परामर्श क्या है?
यह भारत और सूडान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित एक नियमित राजनयिक बैठक है। 4 मई 2025 को पोर्ट सूडान में आयोजित यह बैठक इस श्रृंखला का 9वाँ संस्करण था।
इस बैठक में किन-किन क्षेत्रों पर चर्चा हुई?
बैठक में राजनीति, व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, खनन, कृषि, लघु एवं मध्यम उद्यम (SMEs) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने इन सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
सूडान ने पहलगाम हमले पर क्या रुख अपनाया?
सूडान ने इस बैठक में पहलगाम आतंकवादी हमले की एक बार फिर कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने आतंकवाद के खतरे से मिलकर मुकाबला करने का संकल्प भी लिया।
ITEC कार्यक्रम और ICCR छात्रवृत्ति क्या है और सूडान को इससे क्या लाभ मिला?
ITEC (Indian Technical and Economic Cooperation) भारत सरकार का एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जबकि ICCR (Indian Council for Cultural Relations) छात्रवृत्ति विदेशी नागरिकों को भारत में पढ़ने का अवसर देती है। सूडान ने इन कार्यक्रमों के माध्यम से मिल रही मानव संसाधन विकास सहायता की विशेष प्रशंसा की।
भारत और सूडान के संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है?
भारत और सूडान के संबंध लगभग 5,000 वर्ष पुराने हैं, जब मेसोपोटामिया के माध्यम से नीलोटिक और सिंधु घाटी सभ्यताओं के बीच संपर्क था। आधुनिक इतिहास में 1953 में सूडान के पहले संसदीय चुनाव भारतीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन की देखरेख में संपन्न हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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