भारत-सूडान विदेश कार्यालय परामर्श का 9वाँ दौर पोर्ट सूडान में संपन्न, व्यापार और मानव संसाधन पर बनी सहमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-सूडान विदेश कार्यालय परामर्श का 9वाँ दौर पोर्ट सूडान में संपन्न, व्यापार और मानव संसाधन पर बनी सहमति

सारांश

भारत और सूडान ने पोर्ट सूडान में FOC के 9वें दौर में व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और खनन में सहयोग को नई दिशा दी। जनवरी में जयशंकर की सूडानी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद यह बैठक दोनों देशों के 70 साल पुराने कूटनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने की कड़ी है।

मुख्य बातें

भारत-सूडान विदेश कार्यालय परामर्श का 9वाँ दौर 4 मई 2026 को पोर्ट सूडान में आयोजित हुआ।
बैठक में व्यापार, कैपेसिटी बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खनन, कृषि और SMEs पर विशेष ध्यान दिया गया।
जनवरी 2026 में विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर ने सूडानी विदेश मंत्री मोहिल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम से नई दिल्ली में मुलाकात की थी।
जयशंकर ने सूडान में हिंसा खत्म करने और बातचीत पर लौटने के लिए भारत का रुख दोहराया था।
भारत ने 1955 में खार्तूम में अपना कूटनीतिक प्रतिनिधित्व स्थापित किया था; दोनों देशों के संबंध लगभग 5,000 वर्ष पुराने बताए जाते हैं।

भारत और सूडान ने 4 मई 2026 को पोर्ट सूडान में विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations — FOC) का नौवाँ दौर आयोजित किया, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की गई और व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों के अधिकारियों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

परामर्श की अध्यक्षता और एजेंडा

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका) और सूडान की ओर से विदेश मामलों और विदेशी सहयोग मंत्रालय के अवर सचिव ने की। मंत्रालय के अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में भारत का पोर्ट सूडान में FOC आयोजित करना महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत है कि नई दिल्ली अफ्रीकी देशों में अपनी उपस्थिति संकट के दौर में भी बनाए रखती है। व्यापार और कैपेसिटी बिल्डिंग पर ज़ोर यह दर्शाता है कि भारत सूडान में दीर्घकालिक साझेदारी चाहता है — न केवल मानवीय सहायता देने वाले दाता के रूप में। हालाँकि, जब तक सूडान में संघर्ष जारी है, इन समझौतों का ज़मीनी क्रियान्वयन एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-सूडान विदेश कार्यालय परामर्श का 9वाँ दौर कब और कहाँ हुआ?
यह बैठक 4 मई 2026 को पोर्ट सूडान में आयोजित हुई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका) और सूडान के विदेश मामलों के अवर सचिव ने की।
इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
दोनों पक्षों ने व्यापार, कैपेसिटी बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खनन, कृषि और SMEs में सहयोग पर चर्चा की। साथ ही पारस्परिक हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सूडान के विदेश मंत्री से कब मुलाकात की थी?
जनवरी 2026 की शुरुआत में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में सूडानी विदेश मंत्री मोहिल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम से मुलाकात की थी। उस बैठक में जयशंकर ने सूडान में हिंसा खत्म करने और बातचीत पर लौटने के लिए भारत का रुख दोहराया था।
भारत और सूडान के कूटनीतिक संबंध कितने पुराने हैं?
भारत ने 1955 में खार्तूम में अपना कूटनीतिक प्रतिनिधित्व स्थापित किया था। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संपर्क लगभग 5,000 वर्ष पुराने बताए जाते हैं, जब मेसोपोटामिया के ज़रिए नीलोटिक और सिंधु घाटी सभ्यताओं के बीच व्यापार होता था।
सूडान में भारत की क्या भूमिका रही है?
सूडान में भारतीय दूतावास के अनुसार, 1953 में पहले सूडानी संसदीय चुनाव तत्कालीन भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन ने कराए थे। 1957 में सूडानी चुनाव आयोग ने भारतीय चुनाव नियमों और कानूनों का व्यापक रूप से उपयोग किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले