सिबी जॉर्ज ने भारत-लिथुआनिया एफओसी के 10वें राउंड की बैठक में लिया भाग
सारांश
Key Takeaways
- भारत-लिथुआनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई।
- व्यापार और निवेश में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- सचिव सिबी जॉर्ज ने लिथुआनिया के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।
- अगली एफओसी बैठक नई दिल्ली में होगी।
- भारत और लिथुआनिया के बीच 2023-24 में व्यापार 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत-लिथुआनिया विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 10वां राउंड 13 मार्च को विलनियस में संपन्न हुआ। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने किया, जबकि लिथुआनिया का नेतृत्व विदेश मामलों के उपमंत्री विडमांतास वर्बिकास ने किया।
बैठक में दोनों पक्षों ने राजनीति, व्यापार, आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक संबंधों और जनसंपर्क जैसे द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। व्यापार और निवेश के साथ-साथ लेजर जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, भारत-ईयू संबंधों पर भी चर्चा की गई और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
इस दौरे के दौरान, सचिव सिबी जॉर्ज ने लिथुआनिया के विदेश मंत्री केस्टुटिस बुड्रिस से भी मुलाकात की। उन्होंने लिथुआनिया के विदेश मंत्रालय के राजनीतिक निदेशक लाइमोनास तलत-केल्प्सा, लिथुआनिया के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के मुख्य सलाहकार केस्टुटिस कुड्जमानस, क्लेपेडा पोर्ट के सीईओ अल्गिस लताकस और सेंटर फॉर जियोपॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी स्टडीज (जीएसएससी) के सीईओ लिनास कोजाला से वार्ता की।
सचिव ने लिथुआनिया में प्रवासी भारतीयों से संवाद किया और उन्हें भारत 2047 के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, उन्होंने दूतावास के नए परिसर में आयुष सूचना प्रकोष्ठ और 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) लाउंज का उद्घाटन किया। बैठक में यह भी तय हुआ कि एफओसी का अगला राउंड नई दिल्ली में आपसी सहमति से निर्धारित तारीखों पर होगा।
भारत और लिथुआनिया के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जो आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित हैं। भारत ने 1991 में सोवियत संघ से लिथुआनिया की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी। भारत का पोलैंड स्थित दूतावास लिथुआनिया से संबंधित कार्य देखता है, जबकि लिथुआनिया का दूतावास नई दिल्ली में स्थित है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा।
भारत और लिथुआनिया के बीच संस्कृत से संबंधित भाषाई समानता भी देखने को मिलती है। भारत से लिथुआनिया को तैयार दवाएं, जैविक उत्पाद, परमाणु बॉयलर, रिएक्टर, मशीनरी और विद्युत उपकरण, मछली और अन्य जलीय भोजन, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, ऑटोमोबाइल टायर और ट्यूब, प्लास्टिक वस्तुएं, कपड़े और तंबाकू निर्यात किए जाते हैं।
वहीं, लिथुआनिया से भारत में मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, लोहा और इस्पात, रासायनिक उत्पाद, रबर से बनी वस्तुएं, लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पाद, ऑप्टिकल और मापने के उपकरण और खाद्य पदार्थ आयात किए जाते हैं।