क्या भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज ने लाइबेरिया के उपमंत्री जेडी मोब्रे से मुलाकात की?

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क्या भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज ने लाइबेरिया के उपमंत्री जेडी मोब्रे से मुलाकात की?

सारांश

भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज की लाइबेरिया के उपमंत्री जेडी मोब्रे से मुलाकात ने दो देशों के संबंधों को और भी मजबूत किया है। इस लेख में जानें कि इस बैठक का क्या महत्व है और कैसे यह दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।

मुख्य बातें

भारत और लाइबेरिया के बीच संबंधों में मजबूत होते जा रहे हैं।
सचिव सिबी जॉर्ज ने लाइबेरिया को यूएनएससी में चुनाव पर बधाई दी।
दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बढ़ती आवश्यकता है।
भारत ने लाइबेरिया में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान दिया है।
व्यापारिक संबंधों में भी तेजी से विस्तार हो रहा है।

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव पश्चिम सिबी जॉर्ज ने पश्चिमी अफ्रीकी देश लाइबेरिया के साथ संबंधों को और मजबूत करते हुए पहले इंडिया-लाइबेरिया संयुक्त राष्ट्र परामर्श में भाग लिया। इसके पश्चात उन्होंने लाइबेरिया के कानूनी मामलों के उपमंत्री, विदेश मंत्रालय (एमएफए) के काउंसलर जेडी मोब्रे अरमा से मुलाकात की। इस बारे में भारत के विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा की।

यह बैठक भारत-लाइबेरिया संबंधों के बहुआयामी विस्तार और वैश्विक मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर सचिव सिबी जॉर्ज ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाइबेरिया के निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने यह भी बताया कि यूएनएससी में लाइबेरिया के कार्यकाल के दौरान भारत उसे पूरा समर्थन और सहयोग देगा।

इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और विकास से जुड़े साझा मुद्दों पर मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में पहले इंडिया-लाइबेरिया यूएन कंसल्टेशन के बाद लाइबेरिया के कानूनी मामलों के उपमंत्री, एमएफए, काउंसलर जेडी मोब्रे अरमा से मुलाकात की। सचिव ने लाइबेरिया को यूएनएससी में उनके चुनाव पर बधाई दी और लाइबेरिया की सदस्यता के दौरान भारत के समर्थन का भरोसा दिया।"

भारत ने 1957 में लाइबेरिया के साथ औपचारिक राजनैतिक संबंध स्थापित किए थे। तब से अब तक दोनों देशों के संबंध राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और विकासात्मक सहयोग के जरिए लगातार मजबूत होते गए हैं। लाइबेरिया में भारत की साझेदारी शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में है।

बता दें कि भारत, लाइबेरिया के छात्रों और अधिकारियों के लिए भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति प्रदान करता है। भारत ने लाइबेरिया में बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास परियोजनाओं में भी योगदान दिया है।

इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में भी धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत और लाइबेरिया कई मुद्दों पर समान दृष्टिकोण साझा करते हैं। ग्लोबल साउथ के हितों और संयुक्त राष्ट्र सुधारों जैसे विषयों पर भारत और लाइबेरिया की समान सोच है। यही कारण है कि दोनों देश वैश्विक मंचों पर इन मुद्दों को लेकर साथ खड़े नजर आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सिबी जॉर्ज की मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सहयोग की दिशा में एक कदम माना जा सकता है। यह दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और लाइबेरिया के बीच संबंधों का इतिहास क्या है?
भारत ने 1957 में लाइबेरिया के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और तब से दोनों देशों के संबंधों में निरंतर प्रगति हो रही है।
इस बैठक का उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा मुद्दों पर काम करने की प्रतिबद्धता को दोहराना था।
राष्ट्र प्रेस
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