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क्या भारत-फ्रांस की 17वीं जेडब्ल्यूजी बैठक में पहलगाम हमले की निंदा की गई?

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क्या भारत-फ्रांस की 17वीं जेडब्ल्यूजी बैठक में पहलगाम हमले की निंदा की गई?

सारांश

भारत और फ्रांस के बीच आतंकवाद-निरोध पर 17वीं जेडब्ल्यूजी बैठक हुई। इसमें पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई। बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद, कट्टरपंथ और संगठित अपराधों पर चर्चा की। जानें, इस महत्वपूर्ण बैठक के परिणाम और आतंकवाद से निपटने की रणनीतियाँ।

मुख्य बातें

आतंकवाद के खिलाफ भारत-फ्रांस का समर्पण सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय सहयोग कट्टरपंथ और चरमपंथ से निपटने की रणनीतियाँ ऑनलाइन दुष्प्रचार का मुकाबला साइबर सुरक्षा में सहयोग

नई दिल्ली, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और फ्रांस के बीच आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 17वीं बैठक हुई। यह बैठक गुरुवार को पेरिस में आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद-निरोध) केडी देवल ने किया, जबकि फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फ्रांस के आतंकवाद-निरोध राजदूत ओलिवर कैरन ने किया। इस बारे में विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी साझा की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत और फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए नृशंस आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। दोनों पक्षों ने वर्तमान खतरे के आकलन पर विचार-विमर्श किया, जिसमें राज्य प्रायोजित सीमापार आतंकवाद, संबंधित क्षेत्रों में आतंकवादियों की गतिविधियां और मध्य पूर्व में आतंकवादी खतरे शामिल थे।

बैठक में आतंकवाद से निपटने की चुनौतियों, विशेष रूप से चरमपंथ, कट्टरपंथ और आतंकवादियों की ओर से नई तकनीकों के उपयोग से उत्पन्न खतरों पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर जोर देते हुए प्रशिक्षण और अभ्यास के माध्यम से क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर विचार किया। संयुक्त राष्ट्र, वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (एनएमएफटी) में सहयोग पर भी बातचीत हुई।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने संगठित अपराधों को शामिल करने के लिए भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह वार्ता के दायरे को व्यापक बनाने, ऑनलाइन दुष्प्रचार का मुकाबला करने, साइबर-संबंधी खतरों सहित पारस्परिक चिंता और हित के मामलों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान व अनुभव साझा करने पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोनों पक्ष आपसी सुविधानुसार तारीख पर भारत में संयुक्त कार्य समूह की 18वीं बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए।

इससे पहले, 6 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हाल के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान तथा पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक शांति को भी बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-फ्रांस के बीच जेडब्ल्यूजी क्या है?
जेडब्ल्यूजी का मतलब संयुक्त कार्य समूह है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देना है।
पहलगाम हमले का क्या महत्व है?
पहलगाम हमला निर्दोष नागरिकों पर हुआ था, जो आतंकवाद की निंदा का एक प्रमुख कारण है।
बैठक में क्या चर्चाएँ हुईं?
बैठक में आतंकवाद, कट्टरपंथ और संगठित अपराधों पर चर्चा हुई।
भारत और फ्रांस का आतंकवाद के खिलाफ क्या दृष्टिकोण है?
दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए एकजुट हैं।
क्या भविष्य में और बैठकें होंगी?
हाँ, दोनों पक्षों ने भारत में अगली बैठक पर सहमति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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