आसनसोल कोयला खदान विस्फोट: पराशिया खदान में 1 मजदूर की मौत, 40 घायल; ECL पर लापरवाही के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के आसनसोल स्थित पराशिया कोयला खदान में 14 मई 2026 की सुबह हुए भीषण विस्फोट में एक खनिक की मौत हो गई और कम से कम 40 मजदूर घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) के कुनुस्त्रिया क्षेत्र में स्थित इस खदान का एक शाफ्ट विस्फोट के बाद ढह गया। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और श्रमिक संघों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
घटना सुबह की शिफ्ट के दौरान हुई, जब लगभग 40 खनिक पराशिया खदान के सेक्शन नंबर 27 में काम कर रहे थे। अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान का ऊपरी हिस्सा ढह गया। एक मजदूर मलबे में दबकर मारा गया, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। घायल मजदूरों को बचाकर उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है।
विस्फोट का कारण
खनन विशेषज्ञों के अनुसार, खदानों में बड़ी मात्रा में जमा कोयले की धूल हवा में उड़कर गैस के संपर्क में आने पर विस्फोट का कारण बनती है। विशेषज्ञों ने बताया कि जैसे-जैसे धूल और गैस का स्तर बढ़ता है, विस्फोट की आशंका भी बढ़ जाती है। खदानों में इस धूल को बाहर निकालने के लिए पंखे लगाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि धूल-निकासी तंत्र सक्रिय था या नहीं।
श्रमिक संघों की प्रतिक्रिया
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) के खनन श्रमिक संघ के सचिव धर्मदास मंडल ने बताया कि विस्फोट के समय सेक्शन नंबर 27 में करीब 40 खनिक काम कर रहे थे। उन्होंने ECL अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खदान में जमा धूल की मात्रा, गैस के उचित निकास और नियमित सुरक्षा जांच को लेकर बार-बार सवाल उठाए गए थे, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
ECL की स्थिति और जांच
ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने अब तक इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार, ECL ने मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर की कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि ECL की खदानों में यह हाल के वर्षों में हुई गंभीर दुर्घटनाओं में से एक है। श्रमिक संघों ने उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच और घायल मजदूरों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की है। घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।