धनबाद BCCL मुनीडीह हादसा: चारों मृत मजदूरों के परिजनों को ₹20 लाख मुआवजा और नौकरी, त्रिपक्षीय वार्ता में समझौता
सारांश
Key Takeaways
धनबाद स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की मुनीडीह कोल वाशरी में 3 मई 2025 को हुए भीषण हादसे के बाद देर रात BCCL प्रबंधन, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवारों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता संपन्न हुई, जिसमें एक आधिकारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत हादसे में जान गंवाने वाले चारों दिहाड़ी मजदूरों के परिजनों को ₹20-20 लाख की अनुग्रह राशि और संविदात्मक नौकरी देने पर सहमति बनी है।
हादसे का घटनाक्रम
शनिवार शाम करीब 5 बजे मुनीडीह कोल वाशरी में उस समय भीषण हादसा हुआ जब मजदूर मैनुअल तरीके से ट्रक में कोयला स्लरी लोड कर रहे थे। लगभग 43 फीट की ऊँचाई से करीब पाँच टन वजनी कोयला स्लरी का मलबा अचानक मजदूरों पर गिर पड़ा, जिससे चार दिहाड़ी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान माणिक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और मोड़ा गोप के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि इतने जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिससे घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
मुआवजे और राहत का विवरण
त्रिपक्षीय वार्ता में हुए समझौते के अनुसार प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल ₹20 लाख की अनुग्रह राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में ₹10 लाख अगले 10 दिनों के भीतर प्रदान किए जाएँगे, जबकि शेष ₹10 लाख की दूसरी किस्त 20 दिनों के भीतर BCCL के डीओ धारकों से वसूली कर दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रबंधन ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार हेतु ₹75,000 की तत्काल राहत राशि प्रदान की है। मृतकों के बच्चों को डीएवी स्कूल में प्रवेश दिलाने में भी प्रबंधन सहायता करेगा। साथ ही परिवारों को चिकित्सा सुविधा और BCCL के मानकों के अनुसार अन्य देय लाभ भी सुनिश्चित किए जाएँगे।
नौकरी का प्रावधान
समझौते में यह भी तय किया गया है कि प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक पात्र आश्रित को मुनीडीह परियोजना की आउटसोर्सिंग कंपनी में HPC वेतनमान पर संविदात्मक नौकरी दी जाएगी। यह प्रावधान उन परिवारों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिन्होंने अपना एकमात्र कमाने वाला सदस्य खो दिया है।
सुरक्षा पर सवाल और आगे की राह
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में खनन क्षेत्र में कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे थे और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था। गौरतलब है कि BCCL झारखंड के धनबाद क्षेत्र की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी है और इस तरह की घटनाएँ श्रम सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन समझौते की शर्तों को समयबद्ध तरीके से पूरा करता है या नहीं।