4 अगस्त 2026
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तमिलनाडु में हॉस्टल-पीजी किराया 10% बढ़ा, 5 मई से लागू; कमर्शियल LPG की बढ़ती कीमतें बनीं वजह

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तमिलनाडु में हॉस्टल-पीजी किराया 10% बढ़ा, 5 मई से लागू; कमर्शियल LPG की बढ़ती कीमतें बनीं वजह

सारांश

तमिलनाडु में 20 लाख से अधिक हॉस्टल और पीजी निवासियों पर दोहरी मार पड़ रही है — एक तरफ 5 मई से 10% किराया वृद्धि, दूसरी तरफ खाने की सुविधाएँ घटती जा रही हैं। कमर्शियल LPG की कीमतें दोगुनी होने से यह संकट सिर्फ हॉस्टल मालिकों का नहीं, बल्कि शहरी गरीब और छात्र वर्ग की जेब का सीधा सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु में हॉस्टल-पीजी किराया 5 मई 2026 से लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा।
बिना एसी चार-शेयरिंग कमरे का किराया ₹6,500–₹7,500 , दो-शेयरिंग का ₹8,000–₹9,000 होने की उम्मीद।
19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत पिछले कुछ महीनों में दोगुने से अधिक हो गई।
पूरे राज्य में 20,000 से अधिक हॉस्टल हैं जिनमें करीब 20 लाख लोग रहते हैं।
कई हॉस्टलों ने खाने की सुविधाएँ घटाईं या ऊँचे ईंधन-खपत वाले व्यंजन बंद किए।
मेंटेनेंस चार्ज में भी बढ़ोतरी से निवासियों पर कुल आर्थिक बोझ और बढ़ा।

तमिलनाडु में हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले लाखों छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है। राज्य स्तरीय हॉस्टल एवं पीजी मालिकों के संगठन ने 5 मई 2026 से किराए में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इसकी मुख्य वजह 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल और खाना पकाने की समग्र लागत में हुई तेज़ बढ़ोतरी बताई जा रही है।

नए किराए का ढाँचा

संगठन द्वारा जारी दरों के अनुसार, बिना एसी वाले कमरों के लिए नए किराए निर्धारित किए गए हैं। चार लोगों के कमरे का किराया अब ₹6,500 से ₹7,500 के बीच रहने की उम्मीद है। तीन लोगों के कमरे का किराया ₹7,000 से ₹8,000 और दो लोगों के कमरे का किराया ₹8,000 से ₹9,000 तक हो सकता है। हालाँकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि असली किराया स्थान, उपलब्ध सुविधाओं और स्थानीय माँग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

कमर्शियल गैस की कीमतों का असर

हॉस्टल मालिकों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम दोगुने से भी ज़्यादा हो गए हैं। बड़े पैमाने पर खाना पकाने के लिए गैस का भारी उपयोग करने वाली हॉस्टल रसोइयों पर इसका सीधा असर पड़ा है। गैस की आपूर्ति में कमी के कारण कई मालिकों को खुले बाज़ार से महँगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पर मजबूर होना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य पदार्थों की कीमतें भी पहले से ऊँची बनी हुई हैं।

वैकल्पिक ईंधन का भी बढ़ा खर्च

लागत कम करने के प्रयास में कुछ हॉस्टलों ने अस्थायी रूप से लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधन विकल्पों की ओर रुख किया, परंतु उनके दाम भी बढ़ने से यह उपाय भी कारगर नहीं रहा। गौरतलब है कि ईंधन के सभी प्रमुख विकल्पों में एक साथ मूल्य वृद्धि ने मालिकों के सामने किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा।

रहने वालों पर असर

अनुमानों के अनुसार, पूरे तमिलनाडु में 20,000 से अधिक हॉस्टल हैं, जिनमें करीब 20 लाख लोग निवास करते हैं — इनमें से एक बड़ी संख्या चेन्नई में है। बढ़ती लागत के कारण कई हॉस्टलों ने खाने की सुविधाएँ सीमित कर दी हैं या ऐसे व्यंजन बंद कर दिए हैं जिनमें अधिक ईंधन की खपत होती है। जो निवासी हॉस्टल के भोजन पर निर्भर थे, उन्हें अब बाहर का खाना या पैकेट बंद खाना लेना पड़ रहा है, जिससे उनका कुल मासिक खर्च और बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर मेंटेनेंस चार्ज में भी बढ़ोतरी की गई है।

आगे क्या

यदि कमर्शियल गैस और अन्य संचालन लागतें इसी तरह ऊँची बनी रहीं, तो विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में हॉस्टल और पीजी में रहना और भी महँगा हो सकता है। इससे तमिलनाडु के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों और कम आय वर्ग के नौकरीपेशा लोगों के लिए आवास व्यय एक गंभीर चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तमिलनाडु में इसका बोझ सीधे उस वर्ग पर पड़ रहा है जो पहले से आर्थिक रूप से सबसे कमज़ोर है — बाहर से आए छात्र और कम वेतन वाले नौकरीपेशा। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार हॉस्टल क्षेत्र के लिए कोई मूल्य नियंत्रण या सब्सिडी तंत्र बनाएगी, या यह पूरी तरह बाज़ार के भरोसे छोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि 20 लाख निवासियों में से बड़ी संख्या वे युवा हैं जो रोज़गार और शिक्षा के लिए शहरों में आए हैं — उनके लिए आवास लागत में हर वृद्धि सीधे उनकी शिक्षा या बचत को प्रभावित करती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में हॉस्टल और पीजी का किराया क्यों बढ़ा?
कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतें पिछले कुछ महीनों में दोगुने से अधिक हो जाने के कारण हॉस्टल संचालकों की खाना पकाने की लागत बेतहाशा बढ़ गई है। इसी बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए राज्य स्तरीय हॉस्टल-पीजी संगठन ने 10 प्रतिशत किराया वृद्धि की घोषणा की है।
नए किराए कब से लागू होंगे और कितने होंगे?
नए किराए 5 मई 2026 से लागू होंगे। बिना एसी वाले कमरों में चार-शेयरिंग के लिए ₹6,500–₹7,500, तीन-शेयरिंग के लिए ₹7,000–₹8,000 और दो-शेयरिंग के लिए ₹8,000–₹9,000 तक किराया रहने की उम्मीद है, हालाँकि यह स्थान और सुविधाओं के अनुसार भिन्न हो सकता है।
तमिलनाडु में कितने हॉस्टल हैं और कितने लोग प्रभावित होंगे?
अनुमानों के अनुसार पूरे तमिलनाडु में 20,000 से अधिक हॉस्टल हैं जिनमें करीब 20 लाख लोग रहते हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या चेन्नई में है, और इन सभी निवासियों पर किराया वृद्धि का सीधा असर पड़ेगा।
क्या हॉस्टलों में खाने की सुविधा पर भी असर पड़ा है?
हाँ, बढ़ती लागत के कारण कई हॉस्टलों ने खाने की सुविधाएँ सीमित कर दी हैं या अधिक ईंधन खपत वाले व्यंजन बंद कर दिए हैं। इससे निवासियों को बाहर का खाना या पैकेट बंद खाना लेना पड़ रहा है, जिससे उनका कुल मासिक खर्च और बढ़ गया है।
क्या आगे और किराया बढ़ सकता है?
यदि कमर्शियल गैस और अन्य संचालन लागतें ऊँची बनी रहीं, तो आने वाले महीनों में किराए में और वृद्धि की आशंका है। हॉस्टल मालिकों ने संकेत दिया है कि मौजूदा लागत दबाव जारी रहने पर अतिरिक्त समायोजन किए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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